मोहम्मद इकबाल महाप्रबंधक (वित्त), बृज सिंह और सुनील वैद्य (अधीक्षण अभियंता), अर्जुन प्रताप सिंह (अधिशासी अभियंता), राकेश चंद्र (वरिष्ठ लेखाधिकारी) और अवनीश गुप्ता (सहायक लेखाधिकारी)।
इन्हें भी जारी हुआ आरोप पत्र
यूपीसीएल ने छह अन्य अधिकारियों को प्रकरण में आरोप पत्र जारी किया है। इनमें मुख्य अभियंता एसके टम्टा, अधिशासी अभियंता रजनीश अग्रवाल, लेखाधिकारी एसके मेहता, सहायक अभियंता प्रवेश कुमार, एसके मेहता, मनीष पांडेय और लेखाकार होशियार सिंह शामिल हैं।
इन्हें दिया कारण बताओ नोटिस
इस प्रकरण में महाप्रबंधक वित्त अनिल मित्तल, मुख्य अभियंता एके सिंह और सीएस धर्मसत्तू को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
मैसर्स केईआईपीएल नाम की कंपनी ने यूपीसीएल की सरप्लस बिजली को बाजार में बेचा, लेकिन इसके एवज में निर्धारित समय सीमा पर इसकी धनराशि नहीं लौटाई। कंपनी पर करीब 60 करोड़ से अधिक की धनराशि बकाया हो गई।
करोड़ों की धनराशि की वसूली में हो रही हीलाहवाली के मामले को ‘अमर उजाला’ ने उजागर किया। सचिव ऊर्जा ने सभी राज्यों के ऊर्जा निगमों को पत्र लिखकर कंपनी पर बकायेदारी की सूचना दी। कंपनी पर दबाव बना और उसने अधिकांश बकाया राशि के चेक लौटा दिए। इसके बाद कंपनी से धनराशि वसूली में हीलाहवाली को लेकर उन्होंने जांच के आदेश दे दिए। जांच में अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई।