कहा, अपरिहार्य परिस्थिति को छोड़कर किसी को अवकाश नहीं मिलेगा। उन्होंने 17 अगस्त को देहरादून, हल्द्वानी और टनकपुर में हुए धरना-प्रदर्शन से निगम को हुए नुकसान व अधिकारियों के स्तर से की गई भरपाई या कार्रवाई की रिपोर्ट भी तलब की है। तीन सितंबर की प्रस्तावित रैली को लेकर भी उन्होंने पांच सितंबर तक रिपोर्ट मांगी है।
उन्होंने साफ किया कि तीन सितंबर की रैली से अगर निगम की बस सेवा प्रभावित हुई और नुकसान हुआ तो उसकी भरपाई संबंधित उपाधिकारियों या कार्मिकों से की जाए।
नए रूटों से निगम को होगी आर्थिक हानि
अपने पत्र में महाप्रबंधक संचालन ने ये भी कहा, चूंकि रोडवेज के 14 मार्गों पर अब निजी संचालकों को भी वाहन संचालन की अनुमति मिल जाएगी, इसलिए निगम को कम यात्री मिलने और आर्थिक हानि होने की पूरी संभावना है।
परिषद ने दिया आंदोलन को समर्थन
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ के तीन सितंबर को प्रस्तावित धरने व सचिवालय कूच को अपना समर्थन दिया है। परिषद के महामंत्री दिनेश पंत ने इस संबंध में एक पत्र निगम के एमडी आनंद श्रीवास्तव को भेजा है। मांग की है कि संविदा, विशेष श्रेणी कार्मिकों की लंबी सेवा अवधि और उनके भविष्य को देखते हुए शासन को नियमितिकरण के लिए प्रस्ताव भेजा जाए।