trivendra singh rawat(file photo)
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पर्वतीय क्षेत्रों में पत्नियों को गोल खातों का अधिकार देने की योजना को अब कैबिनेट में लाने की तैयारी है। इस मामले को लेकर शासन स्तर पर गठित कमेटी ने होमवर्क शुरू कर दिया है।
कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पौड़ी में एक कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की थी। सीएम का कहना था कि परंपरागत या विरासत की जमीन पर स्वामित्व पुरुष का है। पलायन के कारण पहाड़ के गांवों में पुरुषों की मौजूदगी कम हो रही है और महिलाओं को ही खेती बाड़ी के काम में आगे आना पड़ रहा है। मुसीबत यह है कि महिलाओं के पास जमीन के कागज नहीं होते और इस कारण उन्हें बैंक लोन लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसी समस्या के समाधान को गोल खातों में पत्नियों को अधिकार देने के मामले में शासन स्तर पर बनी कमेटी ने मंथन किया। राजस्व सचिव सुशील कुमार ने इसकी पुष्टि की। सचिव के मुताबिक इसमें राजस्व विभाग को जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम में संशोधन करना होगा। कमेटी की बैठक में इस मामले को लेकर विस्तृत अध्ययन करने का फैसला किया गया है। राजस्व विभाग ही कैबिनेट के समक्ष इसका प्रस्ताव लेकर आएगा।