प्रदेश के कक्षा एक से 12 तक के 1540 स्कूलों में से 994 स्कूलों में पेयजल कनेक्शन नहीं हैं, जबकि 546 में पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हैं या कनेक्शन कटे हुए हैं। स्कूलों में पानी न होने की वजह से करीब दो हजार से अधिक स्कूलों में शौचालय चालू स्थिति में नहीं हैं।
अभिभावक बोले- सरकार ने जल्दबाजी में लिया फैसला
प्रदेश में दो अगस्त से कक्षा 6 से 12 तक के छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया है, लेकिन अधिकतर अभिभावक अभी इस पक्ष में नहीं हैं कि बच्चों को स्कूल भेजा जाए। नेशनल एसोसिएशन फॉर पैरेंट्स स्टूडेंट्स राइट के अध्यक्ष आरिफ खान के मुताबिक अभी कोविड की तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है। यही वजह है कि सरकार की ओर से कांवड़ यात्रा को स्थगित किया गया है। उच्च शिक्षण संस्थान भी अभी खुले नहीं हैं। ऐसे में बच्चों के लिए स्कूल खोलने का निर्णय सरकार का जल्दबाजी में लिया गया फैसला है।
कोविड की वजह से स्थगित की गईं थी बोर्ड परीक्षाएं
प्रदेश में कोविड की वजह से मार्च 2020 में स्कूलों को बंद किया गया था। इसके बाद बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए नवंबर वर्ष 2020 में 10वीं एवं 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल खुले, लेकिन कोविड के मामले बढ़ने की वजह से अप्रैल 2021 से स्कूलों को फिर से बंद कर दिया गया।
यहां तक की 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गईं। हालांकि, इस बीच कुछ स्कूलों की ओर से छठी से 8वीं कक्षा के बच्चों को मिड-डे मील एवं स्कूल ड्रेस सहित विभिन्न कारणों से स्कूलों में बुलाया गया था, लेकिन नियमित रूप से कक्षाएं नहीं चलीं।
प्रदेश में 2618 सरकारी और 2616 निजी उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इसके अलावा 206 सहायता प्राप्त एवं 12 अन्य सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं, जबकि सरकारी और निजी 1354 हाईस्कूल और 2479 इंटरमीडिएट कॉलेज हैं। जिनमें करीब दस लाख से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
सभी सीईओ को स्कूल खुलने से पहले उन्हें सैनिटाइज करने और सफाई का ध्यान रखे जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें यह भी कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर छात्रों को एक साथ न बुलाकर फेज वाइज बुलाया जाए।
- सीमा जौनसारी, शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा
कोविड से बचाव के लिए पूरी तैयारी के बाद ही स्कूल खुलेंगे। स्कूल परिसर में मास्क अनिवार्य होगा, स्कूलों को सैनिटाइज किया जाएगा। इसके अलावा कोविड को लेकर जारी दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन करवाया जाएगा।
- अरविंद पांडे, शिक्षा मंत्री