मामला सहारनपुर के ओम संतोष प्राइवेट आईटीआई (चक हरैति, जनता रोड) को छात्रवृत्ति जारी करने का है। इस मुदकमे की विवेचना इंस्पेक्टर नदीम अतहर कर रहे थे। जांच में पाया गया कि रामवतार सिंह ने वर्ष 2012-13 में दर्शाए गए एससी-एसटी के 40 छात्रों के मांगपत्र के क्रम में 14.52 लाख रुपये की छात्रवृत्ति जारी की। इसके अलावा वर्ष 2013-14 में इसी तरह 12.39 लाख रुपये की छात्रवृत्ति छात्रों के बैंक खातों में जमा कराई गई।
एफएसएल जांच में सच आया सामने
जांच अधिकारी ने सभी बैंकों से दस्तावेज मांगे थे। इन दस्तावेजों पर रामवतार सिंह के हस्ताक्षर मौजूद थे। यानी सारी धनराशि उन्हीं के हस्तक्षरों से जारी की गई थी, लेकिन जब यह दस्तावेज रामवतार सिंह को दिखाए गए तो उन्होंने यह अपने हस्ताक्षर होने से इनकार कर दिया।
इस पर जांच टीम ने उनके हस्ताक्षर मिलान के लिए नमूने लेकर एफएसएल को भेजे। एफएसएल जांच में खुलासा हुआ तो पता चला कि यह हस्ताक्षर रामवतार सिंह के ही हैं। इसके अधार पर उनके खिलाफ यह केस दर्ज किया गया।