इसी प्रकार, पालिकाओं में भी अधिशासी अधिकारी श्रेणी-2 के पदों पर सेवा की अवधि सात वर्ष से घटाकर पांच वर्ष, अधिशासी अधिकारी श्रेणी-3 के पदों पर सेवा की अवधि आठ वर्ष से घटाकर पांच वर्ष करने का प्रस्ताव है। कर एवं राजस्व अधीक्षक के पदों पर भी सेवा की अवधि आठ वर्ष से घटाकर पांच वर्ष करने का प्रस्ताव है।
इसके लिए पात्रता की शर्तें भी बदली जाएंगी। अभी तक पात्रता बीकॉम थी, जिसके बदलकर बीकॉम या बीबीए या पोस्ट ग्रेजुएशन इन अकाउंटेंसी और हिंदी टाइपिंग में 4000 शब्द प्रतिघंटा की स्पीड की अर्हता रखी जाने का प्रस्ताव है।
उत्तराखंड पालिका प्रशासी सेवा के अंतर्गत सहायक नगर आयुक्त, अधिशासी अधिकारी श्रेणी-1, पालिका प्रशासी अधीनस्थ सेवा के अंतर्गत अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत, सहायक अभियंता सिविल, सफाई निरीक्षक राजस्व निरीक्षक के पदों पर उत्तराखंड लोक सेवा आयोग से प्रतियोगिता परीक्षा कराने का प्रस्ताव है।
नए बदलावों के तहत मिनिस्ट्रीयल सेवा में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के छह, प्रशासनिक अधिकारी के 20, प्रधान सहायक के 52, वरिष्ठ सहायक के 137 और प्रधान लिपिक के 23 पद रखने का प्रस्ताव है। अभी तक प्रधान लिपिक के पदों का अलग से निर्धारण नहीं था।
इसके बजाय वरिष्ठ सहायक के ही 160 पद थे। शहरी विकास निदेशक विनोद कुमार सुमन की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, इन सभी बिंदुओं पर कर्मचारी और अधिकारी अपने सुझाव निदेशालय को ई-मेल कर सकते हैं। यह ड्रॉफ्ट निदेशालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।