तीन वर्षों में पकड़े गए अधिकारी-कर्मचारी
राजस्व विभाग- 15
पुलिस विभाग- 02
स्वास्थ्य विभाग- 04
विद्युत विभाग- 03
पंचायती राज- 02
शहरी विकास-01
पशुपालन विभाग- 01
आबकारी विभाग- 01
परिवहन विभाग- 01
सहकारिता विभाग- 01
मंडी समिति- 02
लोनिवि- 02
राज्य कर विभाग- 02
युवा कल्याण- 01
वक्फ बोर्ड- 01
सचिवालय प्रशासन- 02
वन विभाग- 01
इस साल के ट्रैप
राजस्व विभाग- 01
पुलिस- 02
युवा कल्याण, सिडकुल, परिवहन विभाग, पंचायती राज और खेल विभाग से एक-एक कर्मचारियों को ट्रैप किया गया है।
सबसे ज्यादा हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर में पकड़े
तीन वर्षों में रिश्वत के साथ सबसे ज्यादा हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर में अधिकारियों और कर्मचारियों को पकड़ा गया है। हरिद्वार में 12 और ऊधमसिंहनगर में 11 को रिश्वतखोरी की के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इसी अवधि में देहरादून में चार, उत्तरकाशी में दो, पौड़ी में एक, अल्मोड़ा में दो, पिथौरागढ़ में एक और नैनीताल में पांच अधिकारियों-कर्मचारियों को रिश्वत लेते दबोचा गया है।
पिछले साल की विजिलेंस की कार्रवाई
- 30 विवेचनाएं पूरी हुईं।
- 18 मुकदमों में न्यायालय में चार्जशीट भेजी गई।
- 16 आरोपियों को दोषी करार देते हुए कोर्ट ने सजा सुनाई।
- छह राजपत्रित अधिकारियों को रिश्वत के साथ पकड़ा।
विजिलेंस की भविष्य की कार्ययोजना
- लंबित प्रकरणों को अधिक से अधिक पूरा किया जाएगा।
- केंद्रीय एजेंसियों से तालमेल बैठाकर काम किया जाएगा।
- जागरुकता कार्यक्रम में तेजी लाई जाएगी।