ये मैसेज बहुत ज्यादा अश्लील थे। लेकिन, बाद में पटनायक को जब यह बात पता चली तो उन्होंने अगले दिन महिला पर समझौते का दबाव बनाया। धन देने का भी प्रस्ताव भेजा गया। यही नहीं बोर्ड के एक अधिकारी को भी महिला के पास भेजकर उन्हें समझौते के लिए कहा गया। महिला ने इस बातचीत की रिकॉर्डिंग कर ली।
पटनायक के किसी भी झांसे में पीड़िता नहीं आई। पीड़िता दबाव में नहीं आई तो बोर्ड कार्यालय में भी जमकर हंगामा हुआ। इसके बाद सरकार ने आरोपी सुशांत पटनायक को पद से हटा दिया। अब महिला की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।