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उत्तराखंड आपदा: नौ और लोगों के शव मिले, मृतकों की कुल संख्या 69 पहुंची, 27 ट्रैकर अभी भी लापता

Thu, 21 Oct 2021 09:45 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागेश्वर

सार

Uttarakhand Rains and Flood: उत्तराखंड में 17 से 19 अक्तूबर तक बारिश ने जमकर कहर बरपाया है। आपदा से गढ़वाल और कुमाऊं में अभी तक 69 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। 
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द्वाली में फंसे हैं लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड में आसमानी आफत के तौर पर बरसी आपदा में मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को गढ़वाल में पांच और कुमाऊं में चार और लोगों के जान गंवाने की सूचना के साथ ही प्रदेश में आपदा में मरने वालों की संख्या 69 हो गई है। सरकारी आंकड़ों में मृतकों की संख्या 64 बताई गई है। 27 ट्रैकर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।  

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11 अक्तूबर को पश्चिम बंगाल और अन्य स्थानों के आठ पर्यटकों का दल मोरी सांकरी की एक ट्रेकिंग एजेंसी के माध्यम से हर्षिल से रवाना हुआ था। मौसम खराब होने के कारण बुधवार को आठ पर्यटकों समेत 11 लोग लापता हो गए थे। आर्मी व वायु सेना के रेस्क्यू दल को छितकुल के पास 5 शव दिखे हैं।  शुक्रवार को इन्हें निकाला जाएगा।  जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि एक पर्यटक मिथुन दारी का रेस्क्यू किया गया है।

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उसे प्राथमिक उपचार के लिए आर्मी अस्पताल हर्षिल में भर्ती कराया गया था। अब उक्त पर्यटक को जिला अस्पताल उत्तरकाशी लाया जा रहा है। एक पर्यटक और दिखा है। शेष लापता पांच लोगों के लिए अभियान जारी है। 9 बिहार रेजीमेंट ने भी रेस्क्यू अभियान के संबंध में प्रेस रिलीज जारी की है।

टीम में ये लोग शामिल

टीम के सदस्यों की पहचान दिल्ली की अनीता रावत (38), पश्चिम बंगाल के मिथुन दारी (31), तन्मय तिवारी (30), विकास मकल (33), सौरभ घोष (34), सावियन दास (28), रिचर्ड मंडल (30), सुकेन मांझी (43) के तौर पर हुई है। खाना पकाने वाले कर्मचारियों की पहचान देवेंद्र (37), ज्ञान चंद्र (33) और उपेंद्र (32) के रूप में हुई है। ये सभी उत्तरकाशी के पुरोला के रहने वाले हैं।

उधर, बागेश्वर के सुंदरढूंगा ग्लेशियर की ट्रैकिंग पर गए चार ट्रैकरों की मौत हो गई है। दो लापता हैं। कफनी ग्लेशियर गया 20  ट्रैकरों का दल भी लापता है। पिंडारी ट्रैकिंग रूट पर द्वाली में फंसे 42 लोगों को प्रशासन ने सुरक्षित निकाल लिया है। इनमें कुछ विदेशी ट्रैकर भी हैं। सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर से खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। एसडीआरएफ की टीम मौके के लिए रवाना कर दी है



जिला प्रशासन को बुधवार की रात द्वाली के केएमवीएन गेस्टहाउस में ट्रैकरों समेत 34 लोगों के फंसे होने की सूचना मिली थी। इनमें 18 देशी पर्यटक, छह विदेशी पर्यटक शामिल थे। द्वाली में पिंडर नदी पर बनाए गए अस्थायी पुल बहने से यह लोग वापस खर्किया नहीं लौट पा रहे थे। जिलाधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि सुंदरढूंगा ग्लेशियर 10 लोगों का दल गया था। इनमें से चार लोग बुधवार को द्वाली लौटे थे। इन लोगों के अनुसार सुंदरढूंगा में कुछ लोगों की मौत हुई है। दो लोग लापता है। डीएम ने बताया कि कफनी ग्लेशियर गए 20 लोग भी लापता हैं। जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार की सुबह 5 बजे कपकोट से एसडीआरएफ की टीम द्वाली के लिए रवाना कर दी थी। शाम को द्वाली से 42 लोगों को सुरक्षित खर्किया पहुंचा दिया था।
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वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने फिर भरी उड़ान, एमआई 17 भी मौर्चे पर

जिला सूचना अधिकारी बागेश्वर के मुताबिक पिंडारी, सुंदरढूंगा व कफनी ग्लेशियर में 34 लोग फंसे हुए हैं। अतिवृष्टि के कारण पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक पर पड़ने वाले गांव द्वाली में 18 पर्यटक, 06 विदेशी और 10 गांव वाले फंसे हुए हैं।

वहीं कफनी ग्लेशियर ट्रेक में 20 गांव वाले और सुंदरढूंगा ग्लेशियर ट्रेक में कुल छह पर्यटक फंसे हुए हैं। सुंदरढूंगा में चार की मौत हो गई है और दो पर्यटक लापता हैं। जिलाधिकारी विनीत कुमार के निर्देशन में तहसील कपकोट से राजस्व विभाग, पुलिस और वन विभाग की दो टीम 20 अक्तूबर को रवाना की गई हैं। जबकि गुरुवार को दो और टीमों को रवाना किया गया है। इसके साथ ही हेलीकॉप्टर से बचाव अभियान चलाए जाने का भी फैसला लिया गया है।

एमआई 17 हेलीकॉप्टर को भी अभियान में उतारा
वहीं गुरुवार को एक बार फिर वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने पिथौरागढ़ और कपकोट के लिए उड़ान भरी है। जहां आपदा प्रभावितों के लिए राहत-बचाव कार्य किया जाएगा। साथ ही वायु सेना ने एमआई 17 हेलीकॉप्टर को भी इस अभियान में उतार दिया है। जिसमें एनडीआरएफ के जवान प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव का कार्य करेंगे।
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