उत्तराखंड में 38 वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी की तैयारी बेहतर है। खेलों से संबंधित 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है। सभी तैयारी पूरी करने के लिए अप्रैल 2021 तक का समय दिया गया है। यह कहना है भारतीय ओलंपिक संघ के संयुक्त सचिव ओंकार सिंह का। ओलंपिक संघ की तकनीकी एवं समन्वय समिति की मंगलवार को पहली बैठक के बाद मीडिया से वार्ता में उन्होंने यह बात कही।
भारतीय ओलंपिक संघ के संयुक्त सचिव ने कहा कि उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन बड़ी चुनौती थी, लेकिन प्रदेश की ओर से अब तक की गई सभी तैयारियां सराहनीय हैं। राष्ट्रीय खेलों से साइक्लिंग सहित कुछ अन्य खेलों को हटाने का प्रस्ताव वापस ले लिया गया है। साइक्लिंग का इवेंट रुद्रपुर में होगा।
ओलंपिक संघ के संयुक्त सचिव ने कहा कि बैठक में राष्ट्रीय खेलों की तैयारी के संबंध में अधिकारियों ने अपना प्रस्तुतीकरण दिया। तकनीकी रूप से जो कमियां दिखीं उसे दूर करने के लिए कहा गया है। मीडिया से वार्ता के दौरान खेल सचिव बृजेश संत, जीटीसी के सदस्य राजीव भाटिया, उत्तराखंड ओलंपिक संघ के महासचिव डीके सिंह, संयुक्त निदेशक खेल धर्मेंद्र भट्ट, महाप्रबंधक प्रशासन राष्ट्रीय खेल सचिवालय नीरज गुप्ता, उप निदेशक सतीश सार्की, उप निदेशक अजय कुमार अग्रवाल, उप निदेशक शक्ति सिंह, जिला खेल अधिकारी राजेश ममगाईं आदि मौजूद रहे।
उत्तराखंड 37 वां राष्ट्रीय खेल कराने को तैयार
उत्तराखंड ने भारतीय ओलंपिक संघ को 2021 में 37 वां नेशनल गेम्स कराने का प्रस्ताव भेजा है। खेल सचिव बृजेश संत ने कहा कि छत्तीसगढ़ यदि 37 वां नेशनल गेम्स न करा सके तो उत्तराखंड इसे कराने को तैयार है। प्रस्ताव पर भारतीय ओलंपिक संघ को फैसला लेना है। भारतीय ओलंपिक संघ के संयुक्त सचिव ओंकार सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि एक साल में दो नेशनल गेम्स भी कराए जा सकते हैं।
देहरादून और हल्द्वानी में बनेगा खेल गांव
राष्ट्रीय खेलों के लिए देहरादून और हल्द्वानी में खेल गांव विकसित किया जाएगा। देहरादून जिले के रायपुर में विधानसभा के लिए चयनित जगह में एवं हल्द्वानी में निर्माणाधीन आईएसबीटी वाली भूमि पर प्री फेब्रीकेटेड तकनीकी आधारित खेल गांव का निर्माण किया जाएगा। केरल प्रारूप के अनुसार ही प्री फेब्रीकेटेड खेल गांव बनाए जाएंगे।