भड़ाना की वापसी की चर्चाओं के साथ इसके सियासी मायने भी टटोले जा रहे हैं। राजनीतिक हलकों में यह सवाल तैर रहा है कि आखिर भड़ाना को पार्टी की सदस्यता लेने के लिए हरिद्वार ही क्यों आना पड़ रहा है जबकि उनका सियासी मैदान हरियाणा और यूपी रहा है। राजनीतिक जानकार इसे हरिद्वार लोकसभा सीट के संभावित दावेदारी के रूप में देख रहे हैं।
अभी तक भाजपा ने इस सीट पर अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। इस सीट पर दावेदारी के तौर पर सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के अलावा कुछ अन्य नाम भी तैर रहे हैं। इनमें एक नाम भड़ाना का भी शामिल हो गया है।
हालांकि पार्टी से जुड़े सूत्र बता रहे हैं कि भड़ाना को मंगलौर विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ाया जा सकता है। मंगलौर सीट वर्तमान में खाली है। बसपा विधायक सरवत करीम अंसारी के निधन के बाद मंगलौर सीट खाली है और उस पर उपचुनाव होना है।