शुक्रवार देर शाम प्रदर्शनकारियों, वन विभाग और पुलिस प्रशासन के बीच चली वार्ता में मृतक आश्रित को मुआवजा देने की घोषणा और मामले की जांच का आश्वासन दिया गया। इसके बाद शव कब्जे में लेकर कोटद्वार पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया।
थाने में हंगामे को देखते हुए पौड़ी एसएसपी पी. रेणुका देवी, एएसपी मनीषा जोशी, एएसपी काशीपुर प्रमोद कुमार, हरिद्वार से एएसपी प्रदीप रॉय, कोटद्वार, लैंसडौन समेत कई थानों के कोतवाल, सीओ और पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची हुई थी। एसएसपी पी. रेणुका देवी ने पुलिस कस्टडी में मौत होने से इनकार किया। कहा कि मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
मृतक की पत्नी कमलेेश देवी ने बताया कि उसके पति सोनू कुमार वन विभाग में वन प्रहरी दैनिक श्रमिक के रूप में काम करते हैं। वन विभाग की रायफल चोरी होने के प्रकरण में कालागढ़ थानाध्यक्ष व एक एसआई ने अपने सहयोगी स्टाफ के साथ पूछताछ के दौरान उसको इतना मारा-पीटा गया कि वह मरणासन्न हालत में घर पहुंचा। मरणासन्न हालत में उसके रिश्तेदार अस्पताल लेकर गए, जहां रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
परिजनों के पक्ष में उतरे किसान नेता और भाजपाई
कालागढ़। ग्रामीण की मौत को लेकर स्थानीय व क्षेत्रीय जनता के साथ किसान यूनियन और भाजपा के नेता पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने व आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे। भाजपा नेता मलकीत सिंह, जिला महामंत्री भूपेंद्र सिंह बोबी आदि व किसान यूनियन के मदन सिंह राणा, दर्शन सिंह रावत, दर्शन सिंह फौजी के अलावा सैकड़ों लोगों ने थाने में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए।