उत्तराखंड परिवहन निगम में सख्ती का दौर शुरू हो गया है। निगम ने एक ओर जहां चालक से मारपीट के मामले में दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है तो दूसरी ओर विभिन्न मामलों में 12 रोडवेज कर्मचारियों को आरोप पत्र जारी किया गया है। इस कार्रवाई की जद में उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन और रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के सदस्य आए हैं।
11 जनवरी को रुड़की में संविदा चालक विनोद पाल के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इस मामले में रुड़की डिपो के कनिष्ठ लिपिक नाथूराम पाल और वरिष्ठ लिपिक सत्यवीर सिंह को आरोपी बनाते हुए परिवहन निगम ने 22 जनवरी को इन दोनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी थी। इस क्रम में नाथूराम और सत्यवीर को परिवहन निगम ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मंडलीय प्रबंधक संजय गुप्ता की ओर से इन दोनों के निलंबन के आदेश जारी कर दिए गए।
दूसरी ओर, अलग-अलग मामलों में 12 अन्य रोडवेज कर्मचारियों को भी आरोप पत्र दिया गया है। इसमें एआरएम के स्तर से आठ कर्मचारियों को और आरएम के स्तर से छह कर्मचारियों को आरोप पत्र शामिल हैं। ग्रामीण डिपो देहरादून में एआरएम के स्तर से चालक राजवीर सिंह, परिचालक राजवीर सिंह, परिचालक वैभव तिवारी, परिचालक अनिरुद्ध तिवारी, परिचालक दीपक खत्री, चालक अतुल कुमार, परिचालक महेश कुमार और परिचालक मोहित शर्मा को आरोप पत्र दिया गया है।
वहीं आरएम के स्तर से उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश महामंत्री अशोक चौधरी, तीन समयपाल तालेवर सिंह, पवन शर्मा और इसरार अली को चार्जशीट दी गई है। हालांकि कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि जो आरोप पत्र जारी किया है, इसका अधिकार परिवहन निगम को नहीं है। क्योंकि इस प्रकरण की उन्होंने पुलिस रिपोर्ट कराई थी। न्यायालय में भी प्रार्थना पत्र दिया जा रहा है।
पूर्व से ही इसमें जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने के लिए यह किया गया है। जबकि उन्होंने रामलाल पैन्यूली के खिलाफ जो शिकायतें की थीं, उन पर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की है। कर्मचारी यूनियन किसी भी चार्टशीट से डरे बिना भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करती रहेगी।
परिवहन निगम ने रुड़की डिपो के दो लिपिक को मारपीट के मामले में निलंबित किया है। वहीं, एआरएम व आरएम के स्तर से 12 कर्मचारियों को आरोप पत्र जारी किया गया है।
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दीपक जैन, महाप्रबंधक संचालन, परिवहन निगम