मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को छह करोड़ की लागत से नए रूप में तैयार किए गए लच्छीवाला नेचर पार्क का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि लच्छीवाला का नेचर पार्क पर्यटन को बढ़ावा देने में योगदान देगा।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पार्क का भ्रमण कर नई सुविधाओं और पयर्टकों को आकर्षित करने के लिए बनाई गए पार्क को देखा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि लच्छीवाला नेचर पार्क पर्यटन को बढ़ावा देने काम करेगा। पुराने पार्क को नया रूप देकर बेहद आकर्षक बनाया गया है। अब एडवेंचर पार्क की भी शुरुआत की जाएगी। वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि लच्छीवाला नेचर पार्क वन विभाग का उल्लेखनीय काम साबित होगा। इससे विभाग के अच्छे कामों में गिना जाएगा। कहा कि कोटद्वार में टाईगर सफारी पर काम चल रहा है।
कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि नेचर पार्क मनोरंजन के साथ लोगों को शिक्षित भी करेगा। कहा कि पार्क में राज्य की संस्कृति को लघुरूप में दिखाया गया है। पार्क सब आयु वर्ग के लिए आकर्षण का केंद्र होगा।
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव आनंदवर्द्धन, प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी, अपर प्रमुख वन संरक्षक जेएस सुहाग, मुख्य वन संरक्षक पीके पात्रो, डीएफओ राजीव धीमान, पूर्व दर्जाधारी करन बोरा, लच्छीवाला रेंजर घनानंद उनियाल, विक्रम सिंह नेगी, राजकुमार, ललित पंत, राजन गोयल, चंद्रभान पाल, वीरेन्द्र रावत, एसडीएम लक्ष्मीराज चौहान आदि तमाम लोग मौजूद थे।
नेचर के नजदीक आना हो तो लच्छीवाला नेचर पार्क आए
यदि आप प्रकृति समीप आकर नैसर्गिक वातावरण का आनंद लेना चाहते हैं तो लच्छीवाला नेचर पार्क आएं, यहां आपको पार्क में मनोरंजन के साथ प्रकृति की निकटता तो मिलेगी। यहां राज्य की संस्कृति से रूबरू होने का भी मौका मिलेगा।
लच्छीवाला पिकनिक स्पॉट की स्थापना साल 1980 में की गई थी। आंकड़ों के अनुसार तीन लाख पर्यटक हर साल लच्छीवाला आते हैं। अपने मुख्यमंत्री के कार्यकाल में डोईवाला विधायक त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसके कायाकल्प की योजना तैयार की है। वन विभाग ने एमडीडीए के सहयोग से छह करोड व्यय कर इसको पूरी तरह से नए लुक में बना दिया है। कायाकल्प में मुख्य भूमिका निभाने वाले वन संरक्षक पीके पात्रो ने बताया कि पार्क में धरोहर में उत्तराखंड की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत को संजोया गया है।
इसमें वाद्य यंत्र, परिधान,औजार, अनाज,आदि उत्तराखंड की संस्कृति कसे संबधित चित्र रहे गए है। चिल्ड्रन पार्क में बच्चो के मनोरंजन के लिए झूले,बंजी जंपिग आदि है। गार्डन में विभिन्न प्रजातियों के पेड़ पौधे के अलावा नेचर शॉप, कैंटीन, झील, मदर अर्थ स्टेचू, नेचर ट्रेल सैल्फी प्वांइट,फिश पौंड आदि बनाए गए है। बताया कि करीब प्रोजेक्ट को 150 दिनों की अवधि में तैयार कर लिया गया था।