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रोपवे निर्माण: उत्तराखंड बना रोपवे निर्माण का एमओयू करने वाला पहला राज्य, एनएचएआई तैयार करेगा डीपीआर 

Sat, 11 Sep 2021 01:24 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की नियंत्राणाधीन नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के माध्यम से पहले चरण में प्रदेश के सात रोपवे (केदारनाथ रोपवे, नैनीताल रोपवे, हेमकुंड साहिब रोपवे, पंचकोटी से नई टिहरी, औली से गौरसू, मुनस्यारी से खलिया टॉप और ऋषिकेश से नीलकंठ महादेव तक) के लिए डीपीआर तैयार की जाएगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश में रोपवे निर्माण के लिए एमओयू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है। पर्यटन विभाग ने सात रोपवे निर्माण करने के लिए सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के साथ एमओयू किया। एनएचएआई की ओर से रोपवे बनाने के लिए नोडल विभाग बनाया गया है। डीपीआर तैयार करने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

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प्रदेश पर्यटन विभाग व केंद्र सरकार के बीच एमओयू
उत्तराखंड में विभिन्न धार्मिक और साहसिक पर्यटक स्थलों तक अधिक से अधिक पर्यटकों व श्रद्धालुओं को सुगमतापूर्वक पहुंचाने और पर्यटकों का साल भर आवागमन के लिए प्रदेश पर्यटन विभाग व केंद्र सरकार के बीच एमओयू किया गया है।

सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की नियंत्राणाधीन नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के माध्यम से पहले चरण में प्रदेश के सात रोपवे (केदारनाथ रोपवे, नैनीताल रोपवे, हेमकुंड साहिब रोपवे, पंचकोटी से नई टिहरी, औली से गौरसू, मुनस्यारी से खलिया टॉप और ऋषिकेश से नीलकंठ महादेव तक) के लिए डीपीआर तैयार की जाएगी।

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महिलाओं, बुजुर्गों तथा बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है

केदारनाथ व हेमकुंड साहिब जैसे धार्मिक स्थलों पर लंबी पैदल यात्रा कर पहुंचा जाता है। इसमें अधिक समय लगने के साथ ही महिलाओं, बुजुर्गों तथा बच्चों को यात्रा के दौरान अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रोपवे निर्माण हो जाने के बाद तीर्थ यात्रियों को आसानी से कम समय में पूरा कर दर्शन का लाभ प्राप्त हो सकेगा। इसके साथ ही देहरादून से मसूरी, पुर्णागिरी और सुरकंडा देवी रोपवे को पीपीई मोड पर बनाने व संचालित किए जाने की कार्रवाई की गई। सुरकंडा देवी रोपवे का संचालन इस साल के अंत में किया जाएगा।

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि सभी रोपवे निर्माण से यात्री प्रदूषण मुक्त सफर का आनंद ले सकेंगे। रोपवे के जरिये  केदारनाथ और हेमकुंड साहिब जैसे धार्मिक स्थानों पर हर उम्र का तीर्थयात्री पहुंच सकेगा।

मुख्य सचिव उत्तराखंड डॉ.एसएस संधू की मौजूदगी में उत्तराखंड पर्यटन की ओर से अपर सचिव पर्यटन युगल किशोर पंत, सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एनएचएलएमएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रकाश गौड़ ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एनएचएलएमएल के चेयरमैन मनोज कुमार, पर्यटन विकास परिषद के वरिष्ठ शोध अधिकारी एसएस सामंत मौजूद थे।

प्रदेश के सात स्थानों पर रोपवे निर्माण होने से निश्चित रूप से प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही देश-दुनिया के तीर्थयात्री व पर्यटक उत्तराखंड में रोमांच भरे सफर का आनंद भी उठा सकेंगे। सभी सात रोपवे देश सहित विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे।
- सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री
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