फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देहरादून: हड़ताली उपनकर्मियों का क्रमिक अनशन शुरू, प्रधानमंत्री को भेजे पांच हजार पोस्टकार्ड

Fri, 26 Feb 2021 10:37 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
हड़ता पर बैठे उपनल कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

देहरादून में समान कार्य समान वेतन और नियमितीकरण की मांग को लेकर हड़ताल पर गए उपनलकर्मियों ने सचिवालय कूच की अनुमति न मिलने पर शुक्रवार को क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पांच हजार पोस्ट कार्ड भी भेजे। साथ ही मांग पूरी न होने पर आंदोलन उग्र करने और दिल्ली में प्रदेश के सांसदों के आवास पर जाकर गुहार लगाने की चेतावनी दी है।

विज्ञापन


उपनल कर्मचारी महासंघ के बैनर तले विभिन्न संगठनों से जुड़े उपनलकर्मी पांच दिन से प्रदेशव्यापी आंदोलन पर हैं। उपनलकर्मियों ने एलान किया था कि शुक्रवार को सचिवालय घेराव किया जाएगा, लेकिन प्रशासन के अनुमति न देने पर उपनलकर्मी भड़क गए। शुक्रवार को उन्होंने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही धरनास्थल पर क्रमिक अनशन भी शुरू कर दिया।

महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कुशाग्र जोशी और महामंत्री हेमंत सिंह रावत ने कहा कि उपनलकर्मी पांच दिन से धरने पर बैठे हैं। फिर भी सरकार उनकी मांगों को सुनने को तैयार नहीं है। उल्टा उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी देकर डराया जा रहा है। कहा कि एक तरफ राजनीतिक दलों को धरने-प्रदर्शन और जुलूस की इजाजत दी जा रही है, वहीं उपनल कर्मचारियों को कोविड गाइडलाइन का हवाला देकर सचिवालय कूच की अनुमति नहीं दी गई। इसे लेकर प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखा जाएगा।
विज्ञापन


शुक्रवार को दून विश्वविद्यालय के 15 कर्मचारी मुकुल बहुगुणा, अभिनव जोशी, योगेंद्र नेगी, कमलेश्वर डोभाल, अजय बिष्ट, डीसी पुरोहित, प्रदीप चौहान, विनोद सेमवाल, मनमोहन बुटोला, सूरज पलड़िया, अरुण कुमार, त्रिलोक कुमार, हेमंत रावत, सुनील कुमार और शौरभ धस्माना क्रमिक अनशन पर रहे। 

काम पर नहीं लौटे तो सोमवार से नई नियुक्ति
उपनल के प्रबंध निदेशक ब्रिगेडियर पीपीएस पाहवा (सेनि.) ने बताया कि कोरोना काल में कर्मचारियों की हड़ताल सही नहीं है। इस वक्त सरकार और आमजन की मदद करनी चाहिए थी, लेकिन कर्मचारी आवश्यक सेवाओं को भी प्रभावित कर रहे हैं। पांच दिन तक बिना कारण बताए काम पर न आने के चलते ऐसे कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी जाएगी।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल, अन्य सरकारी अस्पतालों समेत आवश्यक सेवाओं से संबंधित विभागों ने उपनल प्रबंधन से कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने को लेकर सख्त एतराज जताया है। बिग्रेडियर पाहवा ने बताया कि सोमवार से जो कर्मचारी काम पर नहीं आएंगे, उनकी जगह सूची में लंबित चल रहे नए कर्मचारियों को नियुक्त करना शुरू किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें