श्रीपंच दशनाम जूना आनंद भैरव अखाड़ा और श्रीपंच आहवान अखाड़ा के पंच परमेश्वरों ने कांगड़ी गांव स्थित श्रीमहंत प्रेमगिरि आश्रम में पड़ाव डाल दिया है। चार मार्च को इनके अखाड़ों की पेशवाई पांडेवाला से निकलकर जूना अखाड़ा की छावनी में प्रवेश करेगी। पंच परमेश्वरों और संतों का फूलों और ढोल नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत हुआ।
बृहस्पतिवार देर रात जूना अखाड़ा के पंच परमेश्वर के जत्थे श्रीमहंत भल्ला गिरि, श्रीमहंत सुरेशानंद सरस्वती, श्रीमहंत रमण गिरि, अष्ट कौशल महंत त्रिवेणी गिरि, महंत आनंदपुरी, महंत रूद्रानंद सरस्वती, महंत विजय गिरि, श्रीमहंत मछंदरपुरी आदि के नेतृत्व में कांगड़ी गांव में प्रवेश किया। जूना अखाड़ा के पदाधिकारी और नागा संन्यासियों ने संतों का हर-हर महादेव के जयघोष से स्वागत किया।
श्रीपंच आवाहन अखाड़ा के पंच परमेश्वर भी शुक्रवार सुबह श्रीमहंत भगवान भारद्वाज गिरि, श्रीमहंत शरद भारती, श्रमहंत चेतन गिरि, श्रीमहंत महेंद्रपुरी के साथ कांगड़ी गांव पहुंचे। आहवान अखाड़ा के राष्ट्रीय महासचिव श्रीमहंत सत्यागिरि के नेतृत्व में सचिव श्रीमहंत राजेश गिरि, श्रीमहंत राजेंद्र भारती, श्रीमहंत ऋषिराज पुरी, श्रीमहंत पूनम गिरि, श्रीमहंत रमाकांत गिरि, श्रीमहंत अवधेशानंद सरस्वती और पदाधिकारियों ने स्वागत किया।
जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरि ने कहा कि कुंभ पर्व विश्व का सबसे बड़ा मेला है। हालांकि, कोरोना महामारी के चलते संक्षिप्त करना पड़ रहा है। लेकिन इसकी भव्यता और दिव्यता में कोई कमी नही आने दी जाएगी। सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए शाही स्नान करेंगे। स्वागत करने वालों में सभापति श्रीमहंत प्रेम गिरि, सचिव श्रीमहंत मोहन भारती, मेला प्रभारी श्रीमहंत महेशपुरी, उपाध्यक्ष श्रीमहंत विद्यानंद सरस्वती, सचिव श्रीमहंत शैलेंद्र गिरि, दूधेश्वर पीठाधीश्वर एवं जूना अखाड़ा के प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि, आवाहन अखाड़ा के राष्ट्रीय महासचिव श्रीमहंत सत्यगिरि, श्रीमहंत कैलाशपुरी और अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह मौजूद रहे।
कौशिक ने स्वागत कर लिया आशीर्वाद
शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कांगड़ी गांव जूना एवं आहवान अखाड़ा के पंच परमेश्वर एवं श्रीमहंतों का स्वागत किया। देवता की पूजा-अर्चना कर पंचों एवं संतों से आशीर्वाद लिया। कौशिक ने सरकार की ओर से कुंभ मेले की व्यवस्थाओं एवं अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
मंदिर स्थापित कर नागा संन्यासी सुरक्षा में तैनात
पड़ाव डालकर अखाड़ा के इष्टदेव श्रीदत्तात्रेय भगवान और पवित्र भाले को मंदिर स्थापित किया। मंदिर के चारों कोनों पर तेरह मढी, सोलह मढी, चार मढी और चौदह मढी के श्रीमहंतों के शिविर स्थापित कर नागा संन्यासी सुरक्षा के लिए तैनात कर दिए।
अखाड़ों में तैयारियां तेज
श्रीपंच दशनाम जूना, अग्नि और आहवान अखाड़ों के रमता पंचों के आगमन शुरू होने के साथ अखाड़ों में छावनी बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरि ने बताया कि पेशवाई निकलने से पहले की सभी व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाएंगी। रमता पंचों के दो मार्च को पांडेवाला पहुंचेंगे। रमता पंचों के लिए जरूरी सुविधाएं बहाल की जा रही हैं।