भविष्य की जरूरतों को देखते हुए कराएं जाएं स्किल डेवलपमेंट के कोर्स : प्रधान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मुख्यमंत्री आवास में शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग एवं कौशल विकास की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में अधिकारियों को कहा कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए बच्चों को स्किल डेवलपमेंट के कोर्स कराएं जाएं। उत्तराखंड में स्किल डेवलपमेंट का हब बनने की क्षमता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में नई शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन एवं शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों को पढ़ने-लिखने, बोलने, व्याख्या करने एवं संख्यात्मकता ज्ञान बढ़ाने के लिए, डायट को भी इस ओर ध्यान देना होगा। शिक्षकों को इसके लिए बेहतर प्रशिक्षण देना होगा। बच्चों की प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा का पाठ्यक्रम को रोचक बनाया जाए। टेक्नोलॉजी के माध्यम से ईसीसीई के पाठ्यक्रम को कैसे और रोचक बनाया जा सकता है, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। उत्तराखंड के लिए जो पाठ्यक्रम बनाया जा रहा है, इसमें एससीईआरटी के साथ ही एनसीईआरटी की मदद भी ली जा सकती है।
मंत्री ने कहा कि राज्य के पास प्रतिभाओं की कमी नहीं है, इन प्रतिभाओं को आगे लाने की जरूरत है। राज्य में कौशल विकास से संबंधित जो भी विभाग और संस्थान प्रशिक्षण करवा रहे हैं, उन्हें सिंगल विंडो सिस्टम पर लाए जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड को उत्कृष्ट राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। सभी विभागों को अगले साल साल और आने वाले 10 सालों का रोडमैप बनाने के साथ ही बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में अपनी परफार्मेंस देने के निर्देश दिए गए हैं। उच्च शिक्षा मंत्री डा.धन सिंह रावत ने बताया कि एनईपी-2020 के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में वर्तमान शैक्षणिक सत्र से प्रवेश शुरू कर दिए गए हैं। बैठक में सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगोली, सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, सचिव कौशल विकास विजय कुमार यादव, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी एवं शासन व संबधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।