पदोन्नति के साथ ही पूर्व में जारी किए गए शासनादेश में त्रुटियों को नए सिरे से संशोधित किए जाने और नया शासनादेश जारी किए जाने की मांग को लेकर परिवहन विभाग मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार तीसरे दिन भी जारी रहा। गुरुवार को भी कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से देहरादून आरटीओ समेत राज्य के सभी 18 आरटीओ कार्यालयों व 12 परिवहन चेकपोस्टों पर कामकाज ठप रहा।
तमाम विभागीय कामकाज ठप
कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से आरटीओ में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के साथ ही टैक्स जमा कराने परमिट बनवाने समेत तमाम विभागीय कामकाज ठप रहा। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से आरटीओ में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आए और टैक्स जमा कराने आए लोगों को बैरंग लौटना पड़ा।
दूसरी और आंदोलित कर्मचारियों ने ऐलान किया है कि जब तक उनकी मांगे स्वीकार नहीं की जाती है अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। वहीं देहरादून आरटीओ में कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से तीन हजार से अधिक वाहन स्वामियों को बैरंग लौटना पड़ा।
धरने को संबोधित करते हुए परिवहन विभाग मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव कुमार मिश्रा ने कहा कि गलत तरीके से शासनादेश जारी किया जिसका असर कर्मचारियों की पदोन्नति पर पड़ा। सरकार, शासन की ओर से पिछले डेढ़ साल से कर्मचारियों की मांगों को स्वीकार नहीं किया जा रहा है। जिसकी वजह से कर्मचारियों की पदोन्नति लटकी हुई है।
कर्मचारियों के आंदोलन के समर्थन में उतरे कई कर्मचारी संगठन
परिवहन विभाग मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ के कार्य बहिष्कार को लेकर कई कर्मचारी संगठनों ने अपना समर्थन का एलान किया है। कार्य बहिष्कार के दूसरे दिन उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन, उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पत्र सौंपकर परिवहन विभाग कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन किया है।