उत्तराखंड के छह जिलों में बंद पड़े दस आईटीआई (राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) के ताले खुले गए हैं। स्टेट काउंसिल ऑफ वोकेशनल ट्रेनिंग (एससीवीटी) के तहत संचालित इन संस्थानों में चार ट्रेडों में प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, स्वरोजगार को बढ़ावा देने का मुख्य जरिया रहे हैं। लेकिन, दो वर्ष पूर्व सरकार ने 42 आईटीआई को बंद कर दिया था। जबकि इनमें काफी छात्र-छात्राएं अध्ययनरत थे। बंद किए गए संस्थानों में रुद्रप्रयाग जिले में चिरबटिया, बसुकेदार व अगस्त्यमुनि आईटीआई भी शामिल हैं। बीते वर्ष सितंबर-अक्तूबर में विकासखंड जखोली व टिहरी जिले के हिंदाऊं क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों व ग्रामीणों ने चिरबटिया में आईटीआई को दोबारा शुरू करने को लेकर कई दिनों तक आंदोलन किया था।
इसके बाद सरकार ने दिसंबर माह में चिरबटिया सहित अन्य जनपदों में नौ आईटीआई के पुन: संचालन का आदेश जारी किया। इन संस्थानों एससीवीटी के तहत इंजीनियरिंग व नॉन इंजीनियरिंग के फिटर, इलेक्ट्रीशियन, स्वीइंग टेक्नोलॉजी और वेल्डर पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन सभी ट्रेड में सभी संस्थानों में 20-20 सीटें निर्धारित की गई हैं, जिसके तहत शिक्षण सत्र 2021-22 के तहत प्रवेश प्रक्रिया भी लगभग पूरी हो गई है।
ये संस्थान हैं शामिल
पौड़ी -पाबौ, कांसखेत, यमकेश्वर, गैंडखाल, रिखणीखाल
टिहरी- झिनझिनीसैंण
रुद्रप्रयाग- चिरबटिया
उत्तरकाशी-बनचौरा
बागेश्वर-कठपुडियाछीना
अल्मोड़ा-सदरक्वैराला
आईटीआई चिरबटिया का पुन: संचालन शुरू हो गया है। यहां चार ट्रेड में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। अब संस्थान के भवन निर्माण को लेकर जरूरी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। अन्य पांच जिलों में भी नौ संस्थानों का संचालन शुरू हो चुका है।
- एनके शर्मा, प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान रुद्रप्रयाग