सांकेतिक उपवास पर बैठे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत
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गन्ना पेराई सत्र की तैयारियों शुरू हो जाने के बावजूद अभी तक सरकार की ओर से नया गन्ना मूल्य घोषित न किए जाने से क्षुब्ध किसानों ने डोईवाला चीनी मिल में धरना प्रदर्शन किया। वहीं इस मांग को लेकर सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत चीनी मिल के गेट पर सांकेतिक उपवास पर बैठे।
पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश से किसानों को नुकसान
हरीश रावत ने कहा कि पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश के कारण किसानों को पहले से ही आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। जिससे किसान खासी दिक्कतों में आ गया है। इधर, सरकार उन्हें खाद भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं करा पा रही है।
गन्ना मूल्य घोषित नहीं हुआ तो किया जाएगा आंदोलन
कहा कि अभी उन्होंने केवल सांकेतिक उपवास रखकर धरना दिया है। यदि जल्द नया गन्ना मूल्य घोषित नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान गन्ना समिति के अध्यक्ष मनोज नौटियाल, नगर कांग्रेस अध्यक्ष राजवीर सिंह खत्री प्रदेश, सचिव सागर मनवाल, किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुशील राठी, राजीव गांधी पंचायत प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक मोहित उनियाल इंद्रजीत सिंह, अशोक पाल, ईश्वर चंद्र पाल, रणजोध सिंह, मधु थापा आदि तमाम कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गन्ना पेराई सत्र के लिए तिथि तय नहीं
वहीं इस मामले में पिछले दिनों किसानों को संबोधित करते हुए भाकियू टिकैत ग्रुप के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह खालसा ने कहा था कि शुगर मिल प्रशासन ने अभी तक गन्ना पेराई सत्र के लिए तिथि तय नहीं की है। समय पर पेराई शुरू होने पर किसान आगामी गेंहू के लिए बुवाई कर सकता है। किसानों ने कई मर्तबा बढ़ती महंगाई और लागत के सापेक्ष नया गन्ना मूल्य देने की मांग की है। लेकिन सरकार इस दिशा में मौन बैठी है।