उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी उत्तराखंड से शिकायत की है। शिकायत में ठाकुर ने कहा कि इस तरह का आदेश प्रशासनिक व नैतिक दृष्टि से पूर्णतया गलत है।
सुरक्षा ड्यूटी में तैनात जवान का काम पेड़ों के फल की रक्षा करना नहीं होता है। फल को अधिकारी निजी रूप में उपयोग में लाते हैं। इस कार्य में सरकारी गार्ड की ड्यूटी लिया जाना गलत है। उन्होंने इस तरह के आदेश जारी होने को लेकर कार्रवाई की मांग की है।
सोशल मीडिया के माध्यम से मुझे मामले की जानकारी मिली है। एसएसपी पौड़ी को पूरे प्रकरण के जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। पत्र किसने तैयार किया, किसने जारी किया व वायरल कैसे हुआ सहित घटना के प्रत्येक पहलू की गहनतापूर्वक जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए हैं।
-नीरु गर्ग, डीआईजी गढ़वाल।
डीआईजी कार्यालय में सेब के पेड़ पर फल लगे हुए थे। बंदर इन्हें नुकसान न पहुंचाए इस लिहाज से पत्र जारी किया गया था।
-पीएल टम्टा, सीओ सदर।