मलारी हाईवे भापकुंड में 13 दिनों से बंद पड़ा हुआ है। यहां चट्टानी भाग से बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा हाईवे पर आया है। करीब दस मीटर तक हाईवे का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त पड़ा है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से हाईवे को खोलने का काम किया जा रहा है।
बीआरओ के कमांडर कर्नल मनीष कपिल ने बताया कि रविवार तक हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। वहीं, नीती घाटी में वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी है।
गोपेश्वर के डा. बीएस पाल ने बताया कि यदि जल्द सड़क नहीं खुलती तो ग्रामीणों के समक्ष खाद्यान्न के साथ ही जरूरी वस्तुओं का संकट पैदा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि वे धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए अपने गांव आए थे, लेकिन हाईवे बंद होने के बाद से यहीं फंसे हुए हैं। ऐसे ही कई अन्य लोग भी घाटी में फंसे हुए हैं।
चमोली में 30 सड़कें और 150 पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त
चमोली जिले में अभी भी 30 सड़कें बंद पड़ी हैं, जबकि लगभग 150 पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों के समक्ष आवाजाही की चुनौती बनी हुई है। ग्रामीण टूटी सड़कों और पैदल रास्तों से जान हथेली पर रखकर आवाजाही कर रहे हैं। नीती घाटी के सीमांत द्रोणागिरी गांव को जोड़ने वाला पैदल रास्ता कई जगहों पर क्षतिग्रस्त है, जिससे ग्रामीण चट्टान और जंगल के रास्ते अपने गंतव्य को पहुंच रहे हैं। वहीं गांव में खाद्यान्न की सप्लाई भी नहीं हो पा रही है।