दिल्ली जैसे महानगरों की तर्ज पर उत्तराखंड में भी राशन उपभोक्ताओं को स्मार्ट राशन कार्ड जारी किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। पिछले दो साल से अधिक समय से स्मार्ट कार्ड बनाने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अभी तक विभाग सभी उपभोक्ताओं को कार्ड उपलब्ध नहीं कराया है।
देहरादून जिले में स्मार्ट राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। करीब डेढ़ लाख से अधिक उपभोक्ता ऐसे हैं, जो काफी लंबे समय से स्मार्ट राशन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। कार्ड के लिए वह राशन विक्रेताओं से लेकर डीएसओ का चक्कर काट रहे हैं। विभाग का कहना है कि कार्ड का पूरा डेटा कार्ड प्रिंट करने वाले कंपनी को दे दिया गया है। जल्द ही सभी उपभोक्ताओं को स्मार्ट राशन कार्ड जारी कर दिए जाएंगे।
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पिछले दो साल से अधिक समय से चल रही प्रक्रिया
दरअसल, दिल्ली जैसे महानगरों की तर्ज पर उत्तराखंड में भी राशन उपभोक्ताओं को स्मार्ट राशन कार्ड जारी किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। पिछले दो साल से अधिक समय से स्मार्ट कार्ड बनाने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अभी तक विभाग सभी उपभोक्ताओं को कार्ड उपलब्ध नहीं कराया है। कार्ड के लिए उपभोक्ता जिलापूर्ति कार्यालय के साथ ही राशन विक्रेताओं के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन केवल जल्द ही कार्ड जारी किए जाने का आश्वासन मिल रहा है। विभाग का कहना है कि कोविड के कारण कार्ड प्रिंट करने में देरी हुई है। कंपनी को कार्डों का पूरा डेटा भेज दिया गया है। एक महीने के अंदर सभी उपभोक्ताओं को कार्ड उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
जिले में कुल उपभोक्ता - 3 लाख 75 हजार
अभी तक बने स्मार्ट कार्ड 2 लाख 25 हजार
जिन उपभोक्ताओं के कार्ड बनने हैं, एक लाख 50 हजार
नहीं बन पा रहे सफेद कार्ड
स्मार्ट राशन कार्ड के साथ ही सफेद कार्ड बनने की प्रक्रिया भी फिलहाल बंद है। करीब 300 से 400 कार्ड ऐसे हैं, जो ऑनलाइन नहीं हो पा रहे हैं। जिससे कार्ड बनाने वाले लोग परेशान हैं। क्योंकि ऑनलाइन न होने के कारण उन्हें राशन नहीं मिल रहा है। कार्ड के लिए वह लगातार डीएसओ कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। विभाग का कहना है कि शीघ्र ही कार्डों को ऑनलाइन कर दिया जाएगा।
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जो कंपनी कार्ड प्रिंट कर रही है, उसे पूरा डाटा दे दिया गया है। कोविड की वजह से कार्ड प्रिंट में देरी हुई। इसके अलावा कंपनी के पास दूसरे जिलों के कार्ड का काम भी है। एक महीने के अंदर सभी उपभोक्ताओं को कार्ड उपलब्ध करा दिए जाएंगे।