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उत्तराखंड: सभी महाविद्यालयों में फिर लागू होगा सेमेस्टर सिस्टम, विश्वविद्यालयों में भी तैयारी

Sun, 03 Oct 2021 10:27 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि यूजीसी की गाइड लाइन जारी होते ही सभी महाविद्यालयों में सेमेस्टर सिस्टम लागू किया जाएगा। 
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उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश के महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर स्तर पर सेमेस्टर सिस्टम लागू है। इसके अलावा विश्वविद्यालयों में भी सेमेस्टर सिस्टम लागू है। जिन कालेजों में फैकल्टी नहीं थी, उनमें वार्षिक प्रणाली लागू की गई थी, लेकिन अब महाविद्यालयों में शत प्रतिशत फैकल्टी है। यूजीसी की गाइड लाइन जारी होते ही सभी महाविद्यालयों में सेमेस्टर सिस्टम लागू किया जाएगा।

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प्रदेश में उच्च शिक्षा आयोग के गठन के लिए सरकार को केंद्र की गाइडलाइन का इंतजार है। आयोग में मुख्यमंत्री अध्यक्ष और शिक्षा मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से गाइडलाइन जारी होते ही आयोग गठित कर दिया जाएगा। 

उच्च शिक्षा में सुधार के लिए सरकार की ओर से उच्च शिक्षा आयोग के गठन का प्रस्ताव है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है, लेकिन इसके बाद से बात आगे नहीं बढ़ी। उच्च शिक्षा मंत्री के मुताबिक सरकार की ओर से आयोग के गठन को लेकर सभी तैयारियां पूरी हैं। नई शिक्षा नीति में भी उच्च शिक्षा आयोग का गठन किया जाना प्रस्तावित है। पहले केंद्र में उच्च शिक्षा आयोग बनेगा। इसके बाद राज्य मेें आयोग गठित होगा। 
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सरकार की ओर से नहीं है कोई आदेश 
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि वैक्सीनेशन से छूट गए छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय में प्रवेश करने से रोकने का कोई आदेश नहीं है। अधिक से अधिक लोगों का वैक्सीनेशन हो इसके लिए महाविद्यालयों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कैंप लगाए जा रहे हैं। 

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उच्च शिक्षा में दोहरी व्यवस्था से छात्र परेशान 

उच्च शिक्षा में इसी महीने से नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया। इसके बावजूद महाविद्यालयों में दोहरी व्यवस्था बनी हुई है। इससे छात्र परेशान हैं। प्रदेश के कुछ महाविद्यालयों में सेमेस्टर सिस्टम लागू है तो अधिकतर में वार्षिक प्रणाली है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक एक विभाग में एक ही सिस्टम लागू होना चाहिए। सभी महाविद्यालयों में समान रूप से सेमेस्टर सिस्टम लागू किया जाना चाहिए। इससे महाविद्यालयों में पढ़ाई का माहौल देखने को मिलता। 

प्रदेश के 106 सरकारी महाविद्यालयों में पूर्व में स्नातक स्तर पर सेमेस्टर सिस्टम लागू था, लेकिन नवंबर 2019 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र-छात्राओं के विरोध के चलते शासन ने सेमेस्टर सिस्टम को बंद कर वार्षिक प्रणाली लागू किए जाने का आदेश किया। शासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि कुमाऊं विश्वविद्यालय के तीनों परिसरों, दून विश्वविद्यालय और श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के ऋषिकेश परिसर में सेमेस्टर सिस्टम से परीक्षाएं होंगी। जबकि अन्य सभी महाविद्यालयों में वार्षिक प्रणाली लागू की जाएगी। शासन के आदेश के बाद प्रदेश के अधिकतर महाविद्यालयों में वार्षिक प्रणाली लागू है। नई शिक्षा नीति के आने के बाद नए शिक्षा सत्र से सभी महाविद्यालयों में सेमेस्टर सिस्टम लागू होने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन विभाग में अब भी दोहरी व्यवस्था है।  

कुमाऊं मंडल में करीब 12 महाविद्यालयों में सेमेस्टर सिस्टम है। जबकि अन्य में वार्षिक प्रणाली लागू है। इसी तरह गढ़वाल मंडल के अधिकतर महाविद्यालयों में वार्षिक प्रणाली लागू है। भविष्य में सभी महाविद्यालयों में सेमेस्टर सिस्टम लागू होगा। जो छात्रहित में है। 
- डॉ. पीके पाठक, उच्च शिक्षा निदेशक
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