होम स्टे के साथ ही आधुनिक तरीके से बनाए कॉटेज में खानपान का भी पूरा ध्यान रखा गया। अंशुल ने बताया कि यहां आने वाले लोग यहां पारंपरिक खाना पसंद करते हैं। यहां की महिलाओं से बेहतर खाना कौन बना सकता है। इसलिए उन्होंने गांव की ही महिलाओं को खाने की जिम्मेदारी सौंपी है। इससे महिलाओं को रोजगार मिलने के साथ ही लोगों को पहाड़ के पारंपरिक भोजन का स्वाद भी मिल रहा है।
वर्क फ्रॉम होम के साथ आनंद का अनुभव कर रहे युवा
कोरोना के कारण शुरू हुए वर्क फ्रॉम होम ने लोगों की जीवनशैली को काफी प्रभावित किया है। खासकर युवा वर्ग को। ऐसे में बड़ी संख्या में युवा वर्ग पहाड़ में वर्क फ्रॉम होम करने के लिए पहुंच रहा है। युवा पहाड़ की खूबसूरत वादियों में सुकून से काम कर रहे हैं। अंशुल ने बताया कि इस समय उनके पास बड़ी संख्या में युवा वर्ग पहुंच रहे हैं। यहां कई दिन गुजार रहे हैं।
खास तरीके से होता है हर पर्यटक का स्वागत
अंशुल ने बताया कि उनके यहां पहुंचने वाले हर पर्यटक का स्वागत खास तरीके से होता है। टीका लगाकर उनका स्वागत किया जाता है। गांव की परंपरा और संस्कृति की झलक उन्हें दिखाई जाती है।