फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में धरने पर बैठे छात्र-छात्रा, कर रहे शुक्रवार को हुए लाठीचार्ज का विरोध

Sat, 13 Nov 2021 12:03 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी

सार

स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश से वंचित सभी छात्रों को दाखिले दिए जाने की मांग को लेकर एमबीपीजी कॉलेज में शुक्रवार को बवाल हो गया था। 
विज्ञापन
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र धरने पर बैठे - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े छात्र-छात्रा शनिवार को भी धरने पर बैठे रहे। शुक्रवार को कॉलेज में हुए लाठीचार्ज के विरोध में सीओ सिटी को हटाने की मांग को लेकर यह छात्र धरने पर बैठे हैं।

विज्ञापन


आठ घंटे तक कॉलेज परिसर में अराजकता का माहौल
स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश से वंचित सभी छात्रों को दाखिले दिए जाने की मांग को लेकर एमबीपीजी कॉलेज में शुक्रवार को बवाल हो गया था। आठ घंटे तक कॉलेज परिसर में अराजकता का माहौल रहा। गुस्साए छात्रों ने प्रवेश प्रक्रिया जबरन बंद करवाने के साथ ही कॉलेज के दफ्तर और कक्षाएं बंद करवा दीं, परीक्षा विभाग में तोड़फोड़ की।

कॉलेज के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए थे छात्र
दो छात्र डीजल लेकर कॉलेज की तीसरी मंजिल की छत पर चढ़ गए थे और आत्मदाह करने की कोशिश की। इससे कॉलेज परिसर में भगदड़ मच गई। एक छात्र की जहर खाने की धमकी से बवाल बढ़ गया था। प्राचार्य कक्ष के सामने बवाल कर रहे छात्रों को पुलिस ने लाठियां बरसाकर खदेड़ा तो वे कॉलेज के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए थे।
विज्ञापन


उत्तराखंड: एमबीपीजी कॉलेज में दाखिले को लेकर बवाल, पुलिस ने लाठियां बरसाकर छात्रों को खदेड़ा, तस्वीरों में देखें
विज्ञापन


नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया था
छात्रों ने सीओ की गाड़ी को कॉलेज में अंदर आने से रोक दिया। इस पर पुलिस को फिर छात्रनेताओं पर हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। छात्रों ने नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया था। पुलिस की लाठियों से एक दर्जन से अधिक छात्र चोटिल हो गए। एक छात्र गौरव सम्मल को उसके साथियों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में गुस्साए छात्रों ने प्राचार्य को कक्ष में ही बंधक बना दिया और तीन घंटे बाद शाम पांच बजे मुक्त किया।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें