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ठगी: मोबाइल गेम में उलझाकर खाते से उड़ाए 17 लाख रुपये, मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर हरकत में आई पुलिस

Tue, 07 Dec 2021 01:00 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal संवाद न्यूज एजेंसी, खटीमा

सार

पार्वती चंद ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि ग्राम बूढ़ाबाग व अमाऊ निवासी दो युवक उसके घर आए। उन्होंने उसके नाबालिग पुत्र प्रियांशु चंद को बहला-फुसलाकर उसके मोबाइल पर फ्री फायर ऑनलाइन गेम खिलाया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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पूर्व सैनिक की विधवा ने कुछ युवकों पर उसके नाबालिग पुत्र को मोबाइल गेम में उलझाकर बैंक खाते से 17 लाख रुपये निकालने का आरोप लगाया। वह डेढ़ सप्ताह तक चक्कर काटती रही, लेकिन पुलिस ने नहीं सुनी तो उसने सीएम से शिकायत की। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने तीन लाख रुपये वापस दिला दिए हैं।

मोबाइल पर जबरन गेम का एप डाउनलोड कराया

चकरपुर के बूढ़ाबाग निवासी पार्वती चंद ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि ग्राम बूढ़ाबाग व अमाऊ निवासी दो युवक उसके घर आए। उन्होंने उसके नाबालिग पुत्र प्रियांशु चंद को बहला-फुसलाकर उसके मोबाइल पर फ्री फायर ऑनलाइन गेम खिलाया। इस बीच उन्होंने पार्वती के बैंक खाते का कोड पता कर लिया। उसके बाद मोबाइल पर जबरन गेम का एप डाउनलोड करा दिया और प्रियांशु को ऑनलाइन गेम खिलाते रहे।

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इसके साथ ही एसबीआई चकरपुर के खाते से 7 अगस्त 2021 से अक्तूबर 2021 के अंत तक 17 लाख रुपये कई खातों में ट्रांसफर करा लिए गए। जब वह 26 नवंबर को पासबुक प्रिंट कराने बैंक गई तब उसे उसके खाते से रुपये निकलने की जानकारी हुई। पार्वती ने मामले में कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि वह पिछले डेढ़ सप्ताह से पुलिस के चक्कर काट रही है, लेकिन कोई सुध नहीं ली गई। 

पीड़िता ने बताया कि वह रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिली और मामले से अवगत कराया। सीएम धामी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी को कार्रवाई के निर्देश दिए। एसपी दलीप सिंह कुंवर ने पीड़ित महिला को कोतवाली बुलाकर मामले की जानकारी ली। प्रभारी कोतवाल देवेंद्र गौरव ने बताया कि मामले में स्थानीय तीन युवकों से पूछताछ की गई। युवकों के परिजनों के आपसी समझौते पर तीन लाख रुपये पीड़िता को वापस दिला दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच पड़ताल चल रही है। 
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मामले की जांच की जा रही है। साइबर सेल से भी मदद ली जाएगी। इससे बचने के लिए बच्चों को मोबाइल नहीं देना चाहिए। अगर मोबाइल दिया जाता है तो अपने एटीएम कोड, गूगल पे सहित बैंक संबंधी जानकारी गोपनीय रखी जाए। अगर बच्चे मोबाइल चला रहे हैं तो उन पर नजर रखनी चाहिए।
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- मनोज कुमार ठाकुर, सीओ, खटीमा

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