70-80 घंटे का सफर कर पहुंच रहे दूसरे राज्य
कोच प्रेम कुमार ने कहा, अभ्यास के लिए प्रदेश के दूर दराज व सीमांत इलाकों से आने वाले दिव्यांग खिलाड़ी 07-08 घंटे का सफर कर दूसरे राज्य पहुंच रहे हैं। इस दौरान दिव्यांग खिलाड़ियों को परेशानी का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे में अगर प्रदेश में ही दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए मैदान तैयार किया जाए तो उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
खिलाड़ियों को खेल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हर संभव कार्य किए जा रहे हैं। रही बात मैदानों में रैंप, रेलिंग व अन्य सुविधाओं की तो इसे एक बार दिखा लिया जाएगा। जहां भी कमी मिलेगी वहां सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
- जितेंद्र सोनकर, निदेशक, खेल विभाग