राज्य गठन के बाद के दो चुनावों मेें कांग्रेस नेता रणजीत सिंह रावत के पास यह सीट रही। इसके बाद पिछले दो चुनाव में भाजपा के खाते में यह सीट गई।
गढ़वाल से सटी हुई है यह सीट, मुख्यमंत्री तीरथ की है संभावना
इस सीट पर गढ़वाल का प्रभाव होने के कारण कांग्रेस मान रही है कि इस सीट पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को भी लाया जा सकता है। ऐसे में भाजपा को कोई दूसरी सीट खाली नहीं करानी होगी और वह एक उपचुनाव से भी बच जाएगी। दूसरी ओर, भाजपा इस सीट को मुख्यमंत्री के लिहाज से सुरक्षित नहीं मान रही है।
स्थानीय नेताओं से बात कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जल्द ही विधानसभा का दौरा किया जाएगा। भाजपा के समीकरण को समझा जाएगा और इसके बाद ही कोई राय कायम की जाएगी।
- करन माहरा, उपनेता, कांग्रेस विधायक दल और सल्ट पर्यवेक्षक
सल्ट के उपचुनाव को कांग्रेस पूरी ताकत से लड़ेगी। दोनों पर्यवेक्षकों से अपेक्षा है कि वे विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से समन्वय बनाते हुए आम सहमति से अपनी गोपनीय आख्या अतिशीघ्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेंगे।
- प्रीतम सिंह, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष