परिवहन विभाग के कर्मचारियों की सबसे ज्यादा परेशानी वाहनों के टैक्स की वसूली में आ रही है। दरअसल, वाहनों के पंजीकरण में जो पते दिए गए हैं, उनमें बड़ी संख्या ऐसे पतों की है जो कि केयर ऑफ यानी किसी और के यहां के दिए गए हैं। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जब उस जगह वसूली का नोटिस भेजा जाता है तो वह वापस आ जाता है। इस वजह से वसूली नहीं हो पा रही है।
कई जगह टैक्स के आंकड़ों पर भी सवाल
परिवहन विभाग के कई जिलों के टैक्स के आंकड़े भी सवालों के घेरे में हैं। जैसे उत्तरकाशी में पिछले तीन साल से दो लाख 85 हजार रुपये ही बकाया दिखाया जा रहा है जबकि यह आंकड़ा इससे कहीं अधिक है। हालांकि, विभाग के अधिकारी इससे इंकार कर रहे हैं।
प्रदेश में परिवहन विभाग के 19 चेकपोस्ट, 13 ही सक्रिय
उत्तराखंड परिवहन विभाग द्वारा प्रदेश में एंट्री टैक्स (प्रवेश शुल्क) लेने के लिए बनाई गई चेकपोस्ट पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पा रही हैं। स्थिति यह है कि विभाग में स्वीकृत 19 चेकपोस्ट में से केवल 13 ही सक्रिय हैं। शेष छह फिलहाल बंद हैं। इतना ही नहीं इन सभी को कंप्यूटरीकृत करने की मंशा भी परवान नहीं चढ़ पाई है। प्रदेश में आने वाले विभिन्न मार्गों में एंट्री टैक्स वसूलने के लिए परिवहन महकमे ने जगह-जगह चेकपोस्ट बनाई हुई हैं। इन चेकपोस्टों से विभाग चार करोड़ रुपये से अधिक की सालाना कमाई करता है।