कहा, प्रधानमंत्री मोदी के आदि कैलाश, गूंजी, पार्वती कुंड भ्रमण से इस क्षेत्र की पर्यटन की दृष्टि से वैश्विक पहचान बनी है। गुंजी के लिए प्रथम चरण में 1.4 एकड़ भूमि पर पर्यटन सुविधा केंद्र विकसित होगा, जिससे पर्यटकों व स्थानीय लोगों को अपने स्थानीय उत्पाद, संस्कृति, विलेज टूर, आर्ट आदि को बढ़ावा मिल सके।
पर्यटन सुविधा केंद्र को स्थानीय वास्तुविद और स्थानीय भौगोलिक एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाएगा, जबकि चंपावत चाय बगान को स्थानीय वास्तुकला एवं प्राकृतिक उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सस्टेनेबल इको फ्रेंडली मार्केट के रूप में विकसित किया जाएगा।