सहकारिता विभाग की मार्केटिंग का यह अभियान उत्तरकाशी जनपद से शुरू होगा। सहकारिता विभाग की मंशा है कि ग्रामीणों की जो उपज है, उसका उचित मूल्य उन्हें मिल सके। जिसे क्रय विक्रय समिति उचित मूल्य पर खरीदेंगी और उपभोक्ता व खरीदार को सप्लाई करेंगी।
समितियां करेंगी भंडारण, एप के माध्यम से होगा वितरण
उत्तरकाशी में सहकारिता विभाग के अंतर्गत क्रय विक्रय समिति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समिति भवन को 22 कमरों और एक सभागार, तीन रेस्ट रूम का स्ट्रक्चर बनाने की योजना पर भी सहमति बनी है। ईएमसीपी के माध्यम से किसानों से खरीदी गई उपजों को समिति में भंडारण करके मांग के अनुरूप खरीददारों को भेजा जाएगा।
पिछले करीब 20 सालों से सहकारिता विभाग से जुड़ीं तमाम क्रम-विक्रय समितियां प्रभावी रूप से कार्य नहीं कर पा रही थीं। अब इन्हें फिर से सक्रिय किया गया है। ई-मार्केटिंग के जरिये व्यापार से किसान और समितियों, दोनों को फायदा होगा। इसके अलावा लोगों शुद्ध और जैविक अनाज इत्यादि घर बैठे उपलब्ध हो सकेगा।
- आनंद शुक्ला, अपर निबंधक,सहकारिता विभाग