प्रयोग सफल रहा तो एमआईडीएस (मिशन फॉर इंटिग्रेटेड हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट) योजना के तहत 2019 में गांव में व्यवसायिक यूनिट लगाई। जहां उन्होंने वर्ष 2020 में 80 कुंतल और 2021 में अब तक 90 कुंतल ढिंगरी मशरूम का उत्पादन किया है।
लगन और मेहनत से अच्छी कमाई कर रहे सुशांत रिवर्स पलायन का शानदार उदाहरण हैं। उन्होंने अपने गांव छोड़कर मेट्रो सिटी में पलायन करने वाले युवाओं के लिए स्वरोजगार की नई मिशाल पेश की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके इन प्रयासों की खूब प्रशंसा की है। सोमवार को पीएम मोदी ने किसान सम्मान निधि डिजिटल ट्रांसफर कार्यक्रम के दौरान डीएम कार्यालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुशांत के प्रयासों की प्रशंसा की। पीएम ने उनसे कहा कि मन लगाकर काम करो आपको और सफलता मिलेगी। पीएम से बात कर सुशांत काफी उत्साहित दिखे।