भीषण गर्मी से सांप निकलने शुरू होते हैं और बरसात के सीजन में सिलसिला चलता रहता है। वन विभाग के अनुसार रोजाना आबादी क्षेत्र से औसतन 10 से 15 सांप रेस्क्यू किए जा रहे हैं। हालांकि, अधिकांश सांप जहरीले नहीं होते हैं। फिर भी सांपों को देखते ही लोगों के दिल में डर बैठ जाता है।
ये पकड़े जा रहे खतरनाक जहरीले सांप
धर्मनगरी में अभी तक चार प्रजाति के जहरीले सांप मिले हैं। इनमें किंग कोबरा, ब्लैक कोबरा, रसल वाइपर और कॉमन क्रेट लोगों के मकानों और दुकानों आदि आबादी क्षेत्र में मिले हैं। ये सांप इतने जहरीले होते हैं कि इनके डसने से लोगों की मौत हो जाती है।
मेडिकल किट से लैस रहती है रेस्क्यू टीम
जहरीले सांपों को रेस्क्यू करने वाली रेस्क्यू टीम के सदस्य संतन सिंह नेगी, तालिब और भोला सिंह हैं। इनके पास स्नेक एंटी बेनम इंजेक्शन से लेकर पूरी मेडिकल किट रहती है। इन्हें मास्क, गलव्स, हेलमेट और जूते आदि दिए जाते हैं।
जिला अस्पताल के कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चंदन मिश्रा ने बताया कि अस्पताल में स्नेक एंटी वेनम दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सांप काटने के बहुत कम मामले आने से लोग इंजेक्शन लगवाने के लिए बेहद कम संख्या में आते हैं।
अक्सर सांप जमीन के अंदर बने बिलों में रहते हैं। गर्मी होने और बरसात का पानी बिलों में घुसने से वे बाहर आते हैं। इससे वे कहीं भी घुस जाते हैं। हालांकि, हरिद्वार में पाए जाने वाले अधिकांश सांप जहरीले नहीं होते हैं। फिर भी लोग बरसात के सीजन में घरों में रहने और वाहनों में बैठने से पहले सावधानी जरूर बरतें।
-एके ध्यानी, सुरक्षा बल प्रभारी, वन विभाग