भूस्खलन से ग्रामीण भयभीत हैं और रात को डर के कारण सो नहीं पा रहे हैं। ग्रामीण धीरेंद्र सिंह ने कहा कि इसी सूचना प्रशासन को दे दी गई है। बताया कि गड़कोट और अंगोठ गांवों के नीचे वर्षों पुराना भूस्खलन क्षेत्र अब ग्रामीणों के लिए मुश्किलों का सबब बनने वाला है।
यहां पर बन रही झील को तत्काल प्रभाव से खोलने की जरूरत है। पहले भी भूस्खलन राकेने के लिए लोगों ने शासन प्रशासन से गुहार लगाई परंतु उनकी फरियाद अनसुनी कर दी गई। प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया तो घटगाड़ गांव और मींगगदेरा आदि बाजारों को भी बाढ़ जैसे हालात से गुजरना पड़ सकता है।
पहले आ चुकी है बाढ़
वर्ष 1992 में भी इसी गदेरे में पानी बढ़ने से बाढ़ आई थी और गढीनी का भरा-पूरा बाजार रातों रात उजड़ गया था और 14 लोगों की मौत हो गई थी। हर बरसात में यह गदेरा विकराल रूप ले लेता है।
तहसीलदार सुरेंद्र सिंह देव ने कहा कि ग्रामीणों की ओर दोनों गांवों के नीचे भूस्खलन होने के बाद झील बनने की सूचना दी गई है। गदेरे से पानी का रिसाव जारी है। शनिवार (आज) को मौके पर झील का जायजा लेने के लिए टीम भेजी जाएगी। उसके बाद जो भी स्थिति बनेगी उस हिसाब से त्वरित कार्रवाई की जाएगी।