लंबे समय तक दिल्ली में निवास करने के बाद उत्तराखंड लौटे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नए सिरे से सियासी बैटिंग शुरू कर दी है। हरीश लगातार आक्रामक मुद्रा में भाजपा को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों की ओर से हरीश सरकार के दौरान जुमे की नमाज पर छुट्टी के आदेश का हरीश ने खंडन किया है।
हरीश रावत ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा मैंने कभी भी जुमे की नमाज के लिए छुट्टी का एलान नहीं किया। न किसी ने मुझसे जुमे की नमाज के लिए छुट्टी मांगी। मैंने सूर्य देव के आराधना के पर्व छठ पर छुट्टी दी। हमारी बहनें करवाचौथ का व्रत रखती हैं, मैंने उस पर छुट्टी दी। मैंने दो महापुरुषों की जयंती पर छुट्टी दी। यहां तक की यदि भाजपाई झूठ न चल पड़ा होता है तो परशुराम जयंती पर भी मैंने छुट्टी करने के विषय में अपनी सहयोगियों से विमर्श कर रहा था।
भाजपा के लोगों, काठ की हांडी एक ही बार चढ़ती है, 2017 में तुम्हारा यह झूठ चल गया। मगर अब झूठ का प्रतिवाद भी लोगों तक पहुंचेगा। लोग पढ़े-लिखे हैं, स्वयं रिकॉर्ड तलाश कर लेंगे, क्या मेरी सरकार ने जुमे की नमाज का जुमा मतलब शुक्रवार की नमाज के लिए छुट्टी का एलान किया था।
स्कूल खोलने पर पुनर्विचार करे सरकार
सरकार दो अगस्त से स्कूल-कॉलेज खोलने जा रही है। इस निर्णय पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपने फेसबुक पेज अपनी बात कही है। हरीश ने लिखा मैं निर्णय की आलोचना तो नहीं करूंगा, क्योंकि स्कूल-कॉलेज खोलने के पीछे इरादा गलत नहीं है। मगर अभिभावक के रूप में मेरा मन डरा हुआ है। कोरोना की दूसरी लहर भी अभी खत्म नहीं हुई है।
तीसरी लहर देश में दस्तक दे चुकी है। यह समाचार पत्रों में छप रहा है। यदि कुछ महीने सरकार और संयम बरत ले और बच्चों का स्कूल से लिंक बना रहे, उसके लिए अन्यान्य उपाय पर विचार करें और उनको लागू करे तो शुभ होगा।
अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए तमाम मंचों का प्रयोग कर रही भाजपा
पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने कहा कि भाजपा सोशल मीडिया के साथ तमाम मंचों का उपयोग महंगाई, बेरोजगारी, पलायन और अपनी तमाम विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए कर रही है। ऐसे में समाज के बुद्धिजीवियों को आगे आकर सोशल मीडिया और अन्य संपर्कों के माध्यम जनता को जागरूक करना होगा। रावत ने कहा कि उनकी सरकार में शुरू की गई विभिन्न योजनाओं को भाजपा सरकार ने या तो बंद कर दिया है या बंद करने की साजिश कर रही है।
राजपुर रोड स्थित एक होटल में प्रदेश कांग्रेस बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पूर्व सीएम रावत ने कहा कि आज तमाम सांविधानिक, शिक्षण संस्थाओं को योजनाबद्ध तरीके से दूषित करने का काम किया जा रहा है। सोशल मीडिया में फैलाई जा रही नफरत के वातावरण को भी रोकना होगा। इसमें बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ की अहम जिम्मेदारी बन जाती है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल की मेरा गांव मेरी सड़क, मेरा पेड़ मेरा घर, बकरी पालन, विभिन्न समूहों को सामाजिक सुरक्षा के लिए 18 प्रकार की पेंशन, दूध पर बोनस, पानी पर बोनस आदि योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हम इन योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में विभिन्न कारणों से असफल रहे हैं।
हरीश ने कहा कि वह देश के इतिहास में पहले मुख्यमंत्री हैं, जिनको राजनीतिक अस्थिरता व दल बदल जैसे लोकतांत्रिक अपराध का सामना करना पड़ा था। यदि उनको पूरे पांच वर्ष काम करने का मौका मिलता तो वह अपने उत्तराखंडियत के एजेंडे को पूरा करने में सफल होते। उन्होंने गाड़-गदेरे, मंडुवा, झंगोरा व उनके कार्यकाल में खोले गए मेडिकल कॉलेज, पॉलीटेक्निक, आईटीआई आदि का जिक्र करते हुए कहा कि उनके द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं को भाजपा सरकार ने या तो बंद कर दिया है या बंद करने की साजिश कर रही है।
हरीश रावत के कार्यकाल में शुरू की गई योजनाओं को जनता तक पहुंचाएं : गोदियाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अब सही समय आ गया है, जब भाजपा की केंद्र व राज्य सरकारों के नकारात्मक एजेंडे का डटकर मुकाबला किया जाए। इसमें बुद्धिजीवी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने प्रकोष्ठ से जुड़े लोगों पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल में शुरू की गई विभिन्न योजनाओं को भी जनता तक पहुंचाने में सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारे पास तमाम प्रकृतिक संसाधनों का भरपूर भंडार है। आवश्यकता उसकी पहचान को आगे बढ़ाने की है।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम का आयोजन बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रदीप जोशी की ओर से किया गया था। जिसमें डॉ. देवेंद्र त्यागी, डॉ. सत्यव्रत त्यागी, डॉ. एमएम जस्सल, डॉ. जेपी जगुड़ी, डॉ. मनोज जादौन, ब्रिजेश नवानी, डॉ. आशीष उनियाल, सुजाता पाल, जया शुक्ला, डॉ. सोने द्विवेदी, डॉ. पंत, सुभाष चौहान, एसएस रंधावा, जसबीर रावत, ओम प्रकाश सती बब्बन आदि उपस्थित थे।