पूर्व सीएम हरीश रावत ने प्रधानमंत्री मोदी और हरक सिंह रावत पर निशाना साधा था। जिसमें उन्होंने कहा था केवल शब्दों के जाल, तत्व, ममत्व, सत्व, प्रभुत्व शब्द विन्यास से विकास का कथानक नहीं लिखा जाता है।
पूर्व सीएम हरीश रावत के हनक सिंह के बयान पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत का पारा एक बार फिर गर्म हो गया। उन्होंने हरीश पर एक के बाद एक तंज कसे। कहा, इतनी जल्दी क्या थी ट्वीट करने की। उन्हें तो बधाई देनी चाहिए थी, देश के प्रधानमंत्री ने उनके छोटे भाई की पीठ थपथपाई है।
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कैबिनेट मंत्री डॉ.हरक सिंह यहीं नहीं रुके। उन्होंने तंज कसने के अंदाज में कहा कि उनके बड़े भाई हरीश रावत पिछले विस चुनाव में दो-दो सीटों से चुनाव क्यों हार गए, उन्हें आज तक समझ नहीं आया। उनकी ऐसी हार का उन्हें आज भी अफसोस होता है। कहा कि हरीश भाई ने केंद्र में इतने सारे मंत्रालय पचा लिए, विभाग पचा लिए, पार्टी खत्म कर दी और क्या कहा जाए। हरीश रावत उनके बड़े भाई हैं।
ह असम में प्रभारी बनकर गए तो वहां भाजपा का मार्ग प्रशस्त हो गया। पंजाब में प्रभारी बने तो वहां उथल-पुथल हो गई। जो आदमी कांग्रेस में रहते हुए भाजपा की सरकार बना सकता है, वह दो-दो जगह से अपने राज्य में चुनाव हार जाए, इसका दुख होता है।
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क्या कहा था हरीश रावत ने
पूर्व सीएम हरीश रावत ने प्रधानमंत्री मोदी और हरक सिंह रावत पर निशाना साधा था। जिसमें उन्होंने कहा था केवल शब्दों के जाल, तत्व, ममत्व, सत्व, प्रभुत्व शब्द विन्यास से विकास का कथानक नहीं लिखा जाता है। प्रधानमंत्री डबल इंजन भी अपने साथ नहीं ले गए, न उन्होंने उत्तराखंड की ज्वलंत समस्या व जर्जर होती हुई अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए कुछ कहा। बेरोजगारी कैसे दूर हो, उसमें केंद्र क्या मदद करेगा, उस पर भी वह चुप्पी साध गए। उन्होंने कहा कि, हां, एक मंत्री को हनक सिंह कहकर, कई मंत्रियों को चक्कर में जरूर डाल गए। हनक शब्द तारीफ है या कुछ और संकेत!