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उत्तराखंड: राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों को भी मिलेगी पेंशन, गृह विभाग ने जारी किया आदेश

Thu, 30 Sep 2021 09:19 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

प्रदेश सरकार 2016 से चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों को 3100 रुपये प्रतिमाह पेंशन दे रही है। यह पेंशन आंदोलन के दौरान सात दिन जेल गए या घायल हुए आंदोलनकारियों से भिन्न है। 
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पेंशन - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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सरकार उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों (पति या पत्नी) को भी पेंशन देगी। ऐसे चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों को हर महीने 3100 रुपये पेंशन मिलेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह घोषणा की थी। गृह विभाग ने इसका शासनादेश जारी कर दिया है। बृहस्पतिवार को अपर सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल ने इसका शासनादेश जारी किया।

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बता दें कि प्रदेश सरकार 2016 से चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों को 3100 रुपये प्रतिमाह पेंशन दे रही है। यह पेंशन आंदोलन के दौरान सात दिन जेल गए या घायल हुए आंदोलनकारियों से भिन्न है। यह पेंशन उन चिह्नित आंदोलनकारियों को दी जा रही है, जो राजकीय सेवा में नहीं हैं या किसी अन्य स्रोत से पेंशन नहीं ले रहे हैं।

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पिछले काफी समय से चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों को भी पेंशन का लाभ देने की मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री धामी ने एक कार्यक्रम के दौरान आंदोलनकारियों के आश्रितों को भी पेंशन लाभ देने की घोषणा की थी। शासनादेश के मुताबिक राज्य आंदोलनकारियों की मृत्यु के बाद सरकार उनके आश्रितों को भी 3100 रुपये प्रतिमाह पेंशन देगी।
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सीएम घेराव में शामिल हुए आंदोलनकारी 
चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति की ओर से देहरादून में सीएम पुष्कर सिंह धामी के आवास घेराव में हरिद्वार जनपद से भी बड़ी संख्या में आंदोलनकारी दूर गए। समिति के आह्वान पर सीएम आवास घेराव के लिए हरिद्वार से गए महेश गौड़, रुड़की नगर अध्यक्ष प्रेम सिंह रावत, हरिद्वार के जिलाध्यक्ष जेपी बडोनी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों ने देहरादून कूच किया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि सीएम ने वार्ता के दौरान शहीद स्थलों की माटी कलश पर हाथ रख कर आंदोलनकारियों के विषय पर सकारात्मक निर्णय लिए जाने की बात कही, लेकिन मांगों को लेकर जब तक शासनादेश जारी नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। 

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