कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ प्रभाग, लैंसडौन के तहत पाखरो रेंज के वन क्षेत्राधिकारी बृज बिहारी शर्मा को पेड़ों के अवैध कटान के मामले में निलंबित कर दिया गया है। प्रमुख मुख्य वन संरक्षक राजीव भरतरी ने पाखरो रेंजर के निलंबन के आदेश जारी कर दिए हैं।
रिपोर्ट सौंपने के अगले ही दिन निलंबन की कार्रवाई
वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, इस मामले में राज्य के मुख्य सचिव एसएस संधू ने भी 18 अक्तूबर को वन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को मामले की जांच करने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों को जांच कर 24 अक्तूबर तक रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया था। सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट सौंपने के अगले ही दिन निलंबन की कार्रवाई कर दी गई।
इस मामले में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की एक टीम ने मामले की जांच के लिए 26 से 30 सितंबर के बीच रिजर्व क्षेत्र का दौरा किया था। इसके बाद अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। रेंजर बृज बिहारी शर्मा पर पाखरो वन सफारी परियोजना में निर्धारित से अधिक पेड़ कटवाने का आरोप है। पीसीसीएफ भरतरी के आदेश के अनुसार, पाखरो रेंजर बृज बिहारी शर्मा पर पेड़ों के अवैध पातन के साथ अनाधिकृत रूप से उप प्रभागीय वनाधिकारी के पदनाम का प्रयोग करने और वैधानिक, प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति लिए बिना वन क्षेत्र में कार्य कराए जाने में उनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
इस संबंध में एनटीसीए को शिकायत प्राप्त होने के बाद जांच चल रही थी। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर एनटीसीए की ओर से कार्रवाई की संस्तुति की गई। इस संबंध में कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक की ओर से पीसीसीएफ राजीव भरतरी को पत्र भेजा गया था। इसी आधार पर वन मुख्यालय से पाखरो रेंजर के निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया है।
आदेश के अनुसार निलंबन की अवधि में रेंजर को जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्द्ध वेतन पर देय अवकाश, वेतन की धनराशि के बराबर देय होगी। उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि पर महंगाई भत्ता (यदि ऐसे अवकाश वेतन पर देय है) भी अनुमन्य होगा। निलंबन अवधि में बृज बिहारी शर्मा वन संरक्षक शिवालिक वृत्त के कार्यालय में संबद्ध रहेंगे।