पिछले 90 दिनों से अपनी मांगों के समर्थन में धरने पर बैठे वन विकास निगम कर्मचारी संघ ने आंदोलन तेज करने का एलान किया है। सोमवार (आज) से कर्मचारी वन निगम के मुख्यालय अरण्य विकास भवन में ‘घेरा डालो-डेरा डालो’ आंदोलन के तहत बोरिया-बिस्तर लेकर बैठेंगे। इसके अलावा प्रतिदिन शाम को कैंडल मार्च निकाला जाएगा। रविवार को आयोजित कर्मचारी संघ की प्रांतीय बैठक में यह निर्णय लिया गया।
शासन को सारी सूचनाएं भेजी गईं
उन्होंने कहा वर्तमान प्रबंध निदेशक की ओर से शासन को सारी सूचनाएं भेजी गई हैं। इससे स्पष्ट है कि कार्मिकों के साथ ज्यादती हुई है। बिष्ट ने कहा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के आधार पर वर्ष 1985 से दैनिक आधार पर कार्य करने वाले कार्मिकों का वर्ष 1991 से वेतन निर्धारित कर एसीपी की सुविधा अनुमन्य की गई थी। लेकिन ऑडिट न्यायालय के आदेशों को बिना जाने वेतन निर्धारण पर आपत्ति लगा दी, जो न्यायालय के आदेशों की अवहेलना भी है।