एक साल में 5,400 से अधिक तैयार होती डीपीआर
लोक निर्माण विभाग में 54 डिवीजन हैं, हर डिवीजन से औसतन एक साल में सौ तक कई कार्याें के लिए डीपीआर का गठन किया जाता है। इस तरह एक साल में करीब 5,400 तक डीपीआर तैयार होती हैं। इसमें अधिशासी अभियंता तक डीपीआर तैयार होने के बाद अधीक्षण अभियंता तक पहुंचती है। इसके बाद अगले चरण में मुख्य अभियंता तक डीपीआर स्वीकृत के लिए पहुंचती है। यहां शासन में सचिव के पास फाइल जाती है। इस प्रक्रिया में कागजी कार्रवाई होती है, इसके साथ ही समय भी लगता है। कई बार फाइल को लेकर कर्मचारी को उपस्थिति भी होना पड़ता है। बताया जा रहा कि लोक निर्माण विभाग के अलावा सिंचाई विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को भी ई-डीपीआर की व्यवस्था को लागू करना है। इस व्यवस्था को 16 सितंबर तक लागू करने का आदेश भी हुआ था।
ई-डीपीआर व्यवस्था को लागू किया जाना है। इससे कार्य में तेजी आने के साथ पारदर्शिता बढ़ेगी और जवाबदेही भी तय होगी। ई-डीपीआर के लिए पोर्टल बनाने का काम एनआईसी से हो रहा है। इसे जल्द लागू किया जाना था, पर हाल में वायरस के कारण समस्या आई है। उम्मीद है कि जल्द ही यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।
-दीपक यादव, विभागाध्यक्ष लोनिवि