सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) ने डाटा सेंटर के रखरखाव और संचालन का 22 करोड़ का ठेका पिछले साल 27 करोड़ रुपये में दिया। इसके बाद भी साइबर हमले से न बच पाए। अब आईटीडीए ने सेवा दे रही ऑर्बिट कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
कंपनी की टीम के करीब 40 सदस्य पिछले 15 दिनों से आईटीडीए में बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। दरअसल, डाटा सेंटर का ठेका पहले ऑर्बिट, टीएनएस और रिगार्ड कंपनी के पास था। ये तीनों कंपनियां अलग-अलग तरह (मैनपावर, आईटी आदि) से सेवाएं देती थीं। यह तीन साल का ठेका करीब 22 करोड़ रुपये का था।
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पिछले साल जब नए टेंडर हुए तो आईटीडीए ने पूरा ठेका तीन के बजाए एक ही कंपनी ऑर्बिट को 27 करोड़ में दे दिया। कंपनी पिछले करीब एक साल से डाटा सेंटर के संचालन, रखरखाव, सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रही है। बावजूद इसके माकोप रैनसमवेयर साइबर हमले से डाटा सेंटर बच नहीं पाया। मामले में आईटीडीए ने ऑर्बिट कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही निर्देश दे चुके हैं कि साइबर हमले में सेवा दे रही कंपनी की भूमिका की जांच करके कार्रवाई की जाए।