कोरोना संक्रमण में आई तेजी से शादी समारोह पर संकट के बादल छा गए हैं। कोविड गाइडलाइन को देखते हुए लोगों ने अधिकतर समारोह सीमित कर दिए गए हैं। ऐसे में दून में लगभग जनवरी-फरवरी की 300 से 400 शादियां वेडिंग पॉइंट संचालकों के हाथ से निकल गई।
कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान भी लोगों ने शादियां टाली थीं। कोरोना संक्रमण बढ़ने से इस बार भी धूमधाम से शादी करने की उम्मीदों पर फिर पानी फिर गया। गाइडलाइन जारी होने के बाद घरातियों और बरातियों ने मेहमानों की लिस्ट पर मंथन शुरू कर दिया है। पहले से तय समारोह की तैयारियों को सीमित किया जा रहा है। वहीं शादियां टलने से वेडिंग प्वाइंट संचालक परेशान हैं।
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जनवरी में मेरे पास पांच शादियों की बुकिंग स्थगित हो गई हूं। फरवरी में सबसे अच्छा काम होता है, लेकिन फरवरी की बुकिंग भी हर दिन लोग निरस्त कराने आ रहे हैं। शहर में लगभग हर वेडिंग पॉइंट के पास फरवरी में लगभग 10 से 12 बुकिंग हैं। लोग लगातार शादी स्थगित करवा रही हैं। तीसरी लहर हमारी कमर ही तोड़ देगी।
-श्रवण वर्मा, ब्लेसिंग फ्रॉम संचालक
सौ लोगों को शादी में बुलाना है। इसलिए बड़े वेडिंग प्वाइंट की क्या जरूरत। यही सोच कर लोग बुकिंग निरस्त कर रहे हैं। जनवरी की चार बुकिंग मेरी स्थगित हो चुकी हैं। फरवरी के लिए भी लोग स्थगित कराने के लिए आ रहे हैं। हमारा कारोबार तो ठप होता जा रहा हैं।
-ध्रुव अग्रवाल, श्याम वेडिंग प्वाइंट, सहस्त्रधारा
फरवरी में ही सबसे ज्यादा शादियों का शुभ मुहूर्त है। देहरादून में ही लगभग 300 से 400 शादियों की बुकिंग थी, जो या तो लोगों ने निरस्त कर दी हैं या आगे के लिए स्थगित की हैं। बहुत नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- ऋषभ पंछी, पंछी इवेंट
बाहर से आने वाले मेहमानों ने टिकट किए निरस्त
सहस्त्रधारा निवासी आकांक्षा की 18 जनवरी को शादी है। आकांक्षा ने बताया कि इस साल शादी बहुत धूमधाम से करने की उम्मीद में बहुत अच्छी तैयारी की थी। बाहर से भी हमारे रिश्तेदार पहुंचने थे, लेकिन अब बढ़ते संक्रमण और गाइडलाइन के कारण उन्हें टिकट निरस्त करनी पड़ी। होटल में जितने लोगों के लिए रूम बुक कराए थे, वे भी कम करने पड़े।
बार -बार नहीं टाली जा सकती शादी
रायपुर निवासी नितिका गुप्ता की 20 जनवरी को शादी है। नितिका ने बताया कि शादी को बार -बार नहीं टाला जा सकता। इसलिए मेहमानों की लिस्ट छोटी करनी पड़ी। किन्हें बुलाएं और किन्हें नहीं। ये बड़ा मुश्किल हो गया। होटल में रूम भी कम करवा दिए हैं।
सीमित लोगों में ही विवाह संस्कार करेंगे पंडित
संक्रमण के मामलों को देखते हुए पंडितों ने भी सीमित संख्या में ही विवाह संस्कार करने का निर्णय लिया है। आचार्य डॉ सुशांत राज ने बताया कि गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए ही विवाह संस्कार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विवाह संस्कार के लिए दूल्हा-दुल्हन की ही आवश्यकता है। इसलिए पूजन के दौरान केवल दूल्हा-दुल्हन एवं उनके केवल करीबी ही रहेंगे।