डाकघरों में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) योजना परवान नहीं चढ़ सकी है। मुख्य डाकघर के अलावा देहरादून की 10 शाखाओं में योजना कछुआ गति से आगे बढ़ रही है। कई शाखाओं में तो सीएससी काउंटर ही नहीं खोले गए हैं। जहां खोले गए हैं वहां भी इनका नियमित संचालन नहीं हो रहा है। इससे लोगों को बैरंग लौटना पड़ रहा है।
बता दें कि डाक विभाग ने आमजन को सीएससी की तर्ज पर इंटरनेट से जुड़ी सेवाएं देने की शुरुआत की है, जिसमें देहरादून में जीपीओ में पहली सेवा शुरू की गई। दूसरे चरण में कैंट, प्रेमनगर, क्लेमेंटटाउन समेत दस शाखाओं को भी योजना से जोड़ा गया।
इसमें मोबाइल-डीटीएच रिचार्ज, बिजली-पानी बिल जमा, जाति-आय प्रमाणपत्र आवेदन, लाइसेंस व अन्य योजनाओं के लिए आवेदन समेत करीब 52 सेवाएं शामिल हैं। मगर, अभी तक जीपीओ समेत अन्य शाखाओं में मोबाइल-डीटीएच रिचार्ज जैसी चार-पांच सेवाएं ही शुरू हो सकी हैं। जबकि, कई नई शाखाओं में तो सुचारु रूप से योजना का संचालन भी नहीं हो रहा है।
सभी शाखाओं के कर्मियों को सेवा के संचालन की ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। कंप्यूटर सिस्टम भी मुहैया कराए हैं, लेकिन कर्मी सीएससी काउंटर पर कम ही बैठ रहे हैं। इसके बजाय अन्य काउंटर पर बैठकर दूसरे काम निपटा रहे हैं। वहीं, प्रवर डाक अधीक्षक अनसूया प्रसाद चमोला ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी योजना है। धीरे-धीरे सेवाओं को बढ़ाया जाएगा। जीपीओ के साथ ही अन्य शाखाओं में भी सेवा का नियमित रूप से संचालन किया जाएगा।
प्रचार में भी रुचि नहीं ले रहा विभाग
विभाग का तर्क है कि सीएससी का लाभ लेने के लिए रोज इक्का-दुक्का लोग ही पहुंच रहे हैं, लेकिन इसका मुख्य कारण यह है कि विभाग ने योजना का बिल्कुल भी प्रचार-प्रसार नहीं किया है। यहां तक कि जीपीओ व अन्य शाखाओं में लगे सीएससी काउंटर पर योजना से संबंधित कोई जानकारी भी चस्पा नहीं की है। इससे लोगों को नई सेवा के बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही है।