प्रदेश के नगर निगमों, निकायों में आने वाले समय में 11 कामों को कराने के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। शहरी विकास निदेशालय ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। 11 सेवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शुरू किया जाएगा।
शहरी विकास निदेशालय ने पहले चरण में कुछ निकायों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस बदलाव को लागू करने की तैयारी की है। इसके लिए प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इन सुविधाओं को प्रदेश के सभी निगम-निकायों में उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके बाद घर बैठे ही आवेदन किए जा सकेंगे।
यह सभी काम होने जा रहे हैं ऑनलाइन
-डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन
-स्ट्रीट वेंडर को प्रमाण पत्र व आईकार्ड
-साइनबोर्ड लगाने का लाइसेंस का आवेदन
-मोबाइल टावर की एनओसी का आवेदन
-वेंडिंग सर्टिफिकेट और आईकार्ड नवीनीकरण का आवेदन
-घरों के टूटने पर निकला हुआ मलबा, सड़कों, मरम्मत कार्यों का मलबा उठवाने का आवेदन
-मेले, प्रदर्शनी, एनजीओ के कैंप्स और जागरुकता शिविर के लिए आवेदन
-घर के सेप्टिक टैंक साफ कराने के लिए आवदेन
-बिल्डिंग बनाने के लिए एनओसी
-पालतु पशुओं का पंजीकरण
-निगम, पालिका की दुकानों या इमारत के किराए की अदायगी
हम जल्द ही 11 सेवाओं को ऑनलाइन करने जा रहे हैं। इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है। प्रशिक्षण का काम चल रहा है। पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाएंगे, इसके बाद सभी निगम-निकायों में इसे लागू कर दिया जाएगा।
-कमलेश मेहता, संयुक्त निदेशक, शहरी विकास निदेशालय