कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य व उनके विधायक बेटे संजीव आर्य के भाजपा छोड़ने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शायद उनके व्यक्तिगत हित सामने आ गए होंगे। मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता दर्शन हाल में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम से मीडिया कर्मियों ने यशपाल आर्य के पार्टी छोड़ने से जुड़ा प्रश्न पूछा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमेशा हम लोगों ने सभी का सम्मान किया है। आदर किया।
हमने परिवार माना है। भाजपा परिवार में राष्ट्र प्रथम है, पार्टी द्वितीय है और व्यक्तिगत अंतिम का सिद्धांत है। जिनको इसमें परेशानी होती होगी, हो सकता है उनके व्यक्तिगत हित ज्यादा आगे आ जाते होंगे, तो वह भाजपा में असहज हो जाते होंगे। मैं समझता हूं कि उनका व्यक्तिगत हित आगे आ गया होगा। अंत में उन्होंने शायराना अंदाज में दो पंक्तियां पढ़ीं। ‘जाने वाले को कहां रोक सका है कोई, तुम चले हो तो रोकना वाला भी नहीं कोई।’
ब्रेक फॉस्ट डिप्लोमेसी भी रही नाकाम
कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य की नाराजगी दूर करने के लिए मुख्यमंत्री की ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी भी नाकाम रही। नाराज आर्य ने पार्टी छोड़ने के पहले ही संकेत दे दिए थे। उनकी नाराजगी की चर्चाएं काफी समय से सियासी हवाओं में तैर रही थीं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उनके यमुना कॉलोनी स्थित आवास पर गए थे। नाश्ते की टेबल पर दोनों नेताओं के बीच गुफ्तगू हुई। इसके बाद दोनों नेताओं ने किसी भी तरह की नाराजगी की चर्चाओं को खारिज किया। इसके बाद आर्य मुख्यमंत्री के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखे। उन्होंने बयान भी दिया था कि वह भाजपा परिवार के सदस्य हैं और उनके बारे में की जा रहीं चर्चाएं साजिश का हिस्सा हैं, लेकिन अटकलें सही साबित हुईं।
भाजपा विचारधारा और सिद्धांतों वाली पार्टी है। यहां राष्ट्रहित सबसे ऊपर है। व्यक्तिगत हित के लिए कोई स्थान नहीं है। किसी के जाने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
- मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
व्यक्तिग स्वार्थों के लिए यदि कोई व्यक्ति जाए, तो उसे कौन रोक सकता है। व्यक्तिगत स्वार्थ और बड़ा पद पाना है। हमारा बूथ तक संगठन है। भाजपा को कोई असर नहीं पड़ेगा।
- कुलदीप कुमार, प्रदेश महामंत्री, भाजपा