शिक्षा विभाग ने 56 विद्यालयों में 2 करोड़ 50 लाख का क्षति का आकलन किया है। बाल विकास विभाग ने 39 परिसंपत्तियों में 80 लाख की क्षति, डेयरी में 35 लाख क्षति का प्राथमिक आकलन किया है। वन विभाग ने एक करोड़ 40 लाख क्षति का प्राथमिक आकलन प्रस्तुत किया है। वहीं, मेयर जोगेंद्र रौतेला ने क्षतिग्रस्त गौलापुल की मरम्मत के दौरान यातायात के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का सुझाव भी दिया।
संयुक्त सचिव (गृह) संजीव जिंदल ने बिजली, पेयजल, सड़क, संचार व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने के निर्देश दिए। छोटे क्षतिग्रस्त कार्यों को एडीआरएफ के मानकों के अनुसार तत्काल करना होगा। बड़े कार्य स्वीकृति के बाद शुरू किए जाएंगे। डीएम ने बताया कि जनपद में पेयजल, बिजली और सड़कें भी यातायात के लिए सुचारु कर दी हैं।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न व अन्य आवश्यक सामग्री भेजने के साथ वितरण भी कराया जा रहा है। संयुक्त सचिव संजीव जिंदल ने कहा कि जहां जलभराव है। उन क्षेत्रों में पानी निकालने के साथ ही दवाओं का छिड़काव किया जाना चाहिए ताकि डेंगू और अन्य बीमारियों से बचा जा सके।
ये मौजूद रहे
बैठक और निरीक्षण के दौरान केंद्रीय टीम के डॉ. वीरेंद्र सिंह, पूजा जैन, अभय, राजेश कुमार, शशि भूषण तिवारी, वीरेंद्र, सचिव आपदा प्रबंधन एस मुरूगेशन, सीडीओ डॉ. संदीप तिवारी, परियोजना निदेशक अजय सिंह, डीडीओ रमा गोस्वामी, डॉ. भागीरथी जोशी, सीसीएफ कुमाऊं डॉ. तेजस्विनी पाटिल, वन संरक्षक राहुल, डीएफओ संदीप कुमार, टीआर बीजूलाल, अपर जिलाधिकारी अशोक जोशी, सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, उपजिलाधिकारी मनीष कुमार आदि अधिकारी मौजूद रहे।