प्रशासन ने पहले ही जारी की थी एडवाइजरी
विंध्यवासिनी मंदिर के पास त्याडो और ताल नदियों का संगम होने के कारण मानसून के दौरान यहां जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है। घाटी के कई नाले और गदेरे भी बरसात में उफान पर रहते हैं। मंदिर क्षेत्र के आसपास नदी किनारे संचालित दर्जनों रिजॉर्ट और कैंप हर वर्ष बाढ़ के खतरे की जद में रहते हैं।
एसडीएम यमकेश्वर चतर सिंह चौहान ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में बरसात के दौरान नदियों और गदेरों का जलस्तर कभी भी अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में पर्यटक और श्रद्धालु किसी भी स्थिति में उफनते गदेरों को पार करने का प्रयास न करें।
उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से 20 जून को ही एडवाइजरी जारी कर नदी किनारे स्थित होटल, रिजॉर्ट और कैंप संचालकों को बरसात के दौरान पर्यटकों को न ठहराने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।