ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर नरकोटा भूस्खलन जोन नासूर बन गया है। दस दिन से आए दिन पहाड़ी से मलबा व पत्थर गिर रहे हैं। इससे घंटों यातायात अवरुद्ध हो रहा है। लोग जान हथेली पर रखकर सफर को मजबूर हैं। उधर, रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर भटवाड़ीसैंण में भूस्खलन जोन सक्रिय होने से हाईवे दो दिन से बंद है।
जिला मुख्यालय से लगभग 8 किमी दूर नरकोटा में बदरीनाथ हाईवे का लगभग सौ मीटर हिस्सा दिनोंदिन बदहाल हो रहा है।
पहाड़ी से आए दिन गिर रहे पत्थर व मलबे के कारण पूरा क्षेत्र अति संवेदनशील हो गया है। ग्राम प्रधान चंद्रमोहन, खांकरा के पूर्व ग्राम प्रधान नरेंद्र ममगाईं, प्रदीप मलासी, ओंकार नौटियाल, मोहित डिमरी का कहना है कि ऑलवेदर रोड परियोजना में कार्यदायी संस्था की ओर से जिस तरह से पहाड़ियों को काटा गया है, उसी से नरकोटा में भूस्खलन जोन सक्रिय हुआ है।
हाईवे के ऊपरी तरफ वाली पहाड़ी का अधिकांश हिस्सा कमजोर हो गया है, जो धीरे-धीरे ढह रहा है। इन हालात में निरंतर खतरा बना हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड-लोनिवि श्रीनगर डिवीजन के सहायक अभियंता राजेश शर्मा ने बताया कि बरसात में अस्थायी व्यवस्था से ही यातायात संचालित किया जाएगा। सितंबर से यहां पर स्थायी सुरक्षा दीवार के साथ नीचे से आरसीसी पुश्ता निर्माण कर सड़क को चौड़ा किया जाएगा, जिससे भूस्खलन की स्थिति में भी यातायात कम से कम प्रभावित हो।